जयपुर। प्रेम प्रकाश मंडल के चतुर्थ पीठाधीश्वर मर्यादा मूर्ति सतगुरु स्वामी हरिदास राम महाराज का पंचदिवसीय जन्मोत्सव भक्ति और सेवा के अनूठे संगम के साथ पूर्णिमा को संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रमों में हजारों भक्तों ने भाग लिया और गुरु का प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक अनुष्ठानों की रही धूम
जन्मोत्सव के समापन दिवस पर सुबह 7 बजे से ही भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। दिनभर चले कार्यक्रमों में नित्य नियम प्रार्थना, संतों द्वारा स्वामी हरिदास राम जी महाराज की महिमा का गुणगान और उनके प्रवचनों का श्रवण किया गया। इस दौरान सत्यनारायण भगवान की कथा, श्रीमद्भगवद्गीता और श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ साहिब के पाठों का भोग परायण हुआ। दीप प्रज्वलन और बधाई गीतों के साथ माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
सेवा के संकल्प को मिली सार्थकता
स्वामी हरिदास राम महाराज की शिक्षाओं की अनुपालना करते हुए जन्मोत्सव के दौरान सेवा कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज के सानिध्य में विभिन्न स्थानों पर सेवा कार्य किए गए:
अन्नदान व जल सेवा
एसएमएस हॉस्पिटल के बाहर और मानसरोवर के स्वामी हरिदास राम उद्यान में राहगीरों को नमकीन पुलाव, छाछ, लस्सी, शर्बत और फल वितरित किए गए।
अनाथालय व कुष्ठ आश्रम में मदद
निर्माण नगर स्थित केयर होम अनाथालय में बच्चों को पाठ्य सामग्री, फ्रूटी और फल भेंट किए गए। उत्सव की पूर्णाहुति पर कुष्ठ आश्रम के रोगियों के लिए भोजन और फल भेजे गए।
विशाल भंडारे में उमड़े भक्त
जन्मोत्सव की पूर्णाहुति पर गुरु दरबार में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर महाप्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर स्वामी मनोहर लाल, संत मोनूराम, संत नवीन, संत गुरुदास, संत हरीश और भगत जीतूराम, दीपक, पुनीत, अविनाश व ऋषि भरत सहित अनेक संतों ने स्वामी हरिदास राम जी महाराज के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।



















