वेदांत और भगवद्गीता की रोशनी में सुलझेंगे सुंदरकांड के गूढ़ रहस्य

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The profound mysteries of the Sundarakanda will be unraveled in the light of Vedanta and the Bhagavad Gita.
The profound mysteries of the Sundarakanda will be unraveled in the light of Vedanta and the Bhagavad Gita.

जयपुर। जयपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरा एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक वैचारिक क्रांति की गवाह बनने जा रही है। आगामी 30 मई, शनिवार को वेद विद्या ट्रस्ट दिल्ली के तत्वावधान में बनीपार्क स्थित “श्री जंगलेश्वर महादेव मंदिर” में एक दिवसीय सुंदरकांड ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

सुंदरकांड – एक तार्किक विश्लेषण इस ज्ञान यज्ञ के मुख्य वक्ता “आर्ष विद्या मंदिर दिल्ली के परम पूज्य ब्रह्मलीन स्वामी प्रबुद्धानंद जी” की महान वेदांत परंपरा के संवाहक आचार्य ईश्वरानंदा जी होंगे, जो सुंदरकांड के माध्यम से जीवन-प्रबंधन के उन व्यावहारिक सूत्रों को खोलेंगे, जिनका सीधा संबंध भगवान श्री कृष्ण द्वारा भगवद्गीता में दिए गए निष्काम कर्म के सिद्धांतों से है। राजधानी जयपुर में सुंदरकांड ज्ञान यज्ञ के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस मौके पर मुख्य वक्ता आचार्य ईश्वरानंदा भी मौजुद रहें।

आचार्य ईश्वरानंदा ने बताया कि यह आयोजन पारंपरिक पाठ से आगे बढ़कर, आधुनिक मानव जीवन की समस्याओं का एक लॉजिकल और सर्जिकल ऑडिट होगा। यह व्याख्यान समाज को अंधविश्वास और केवल बाहरी कर्मकांडों से ऊपर उठाकर शास्त्र श्रवण, शास्त्रों के गहरे और तार्किक अध्ययन की ओर प्रेरित करेगा।

आयोजन समिति की सदस्य गरिमा श्रृंगी ने बताया कि इस सत्र में भगवदगीता के ज्ञान को जोड़ते हुए यह सिखाया जाएगा कि कैसे भक्ति हमारे अंतःकरण को कोमल और शुद्ध बनाती है, और कैसे वेदांत का ज्ञान हमें पूर्ण मोक्ष की ओर ले जाता है।

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