जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हुए सरकार ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के तीन पीएसओ हटा दिए हैं। सुरक्षा कम किए जाने के बाद बेनीवाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी सरकार से सुरक्षा मांगी ही नहीं थी और उनकी सुरक्षा के लिए प्रदेशभर के हजारों युवा हमेशा साथ खड़े हैं।
बेनीवाल ने कहा कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा विवाद के दौरान तत्कालीन इंटेलिजेंस अधिकारी संजय अग्रवाल द्वारा उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाई गई थी। उस समय जयपुर से एके-47 से लैस कमांडो तैनात किए गए थे और नागौर से भी सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने बजरी माफिया, पेपर लीक गैंग और कई ताकतवर लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है।
अब सरकार ने उनकी सुरक्षा घटा दी है, जबकि उन्होंने कभी सुरक्षा की मांग नहीं की थी। बेनीवाल ने कहा, “भजनलाल सरकार मेरी सुरक्षा क्या करेगी, मेरी सुरक्षा के लिए प्रदेशभर के हजारों युवा हमेशा मेरे साथ खड़े हैं।”
सांसद ने सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षा क्यों दी गई थी और अब क्यों हटाई गई। इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। इस दौरान बेनीवाल ने हाल के आंदोलनों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि साधु-संतों के सम्मान में हुए आंदोलन के दौरान सरकार चाहती थी कि वह जयपुर में प्रवेश करें ताकि उन्हें साधुओं के साथ हिरासत में लिया जा सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ईद के दौरान माहौल खराब करना चाहते थे और सरकार उन्हें किसी विवाद में फंसाना चाहती थी। हालांकि उन्होंने समझदारी से काम लेते हुए स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का प्रयास किया।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के बाद अब उनकी सुरक्षा में मुख्य रूप से नागौर जिले के पुलिसकर्मी ही तैनात रहेंगे।



















