जयपुर। पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र में आर्टिफिशियल और गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी कारोबार से जुड़े पुराने विवाद ने खूनी रूप ले लिया। दुकान के नाम और करोड़ों रुपए के लेनदेन को लेकर चल रही रंजिश में बदमाशों ने एक कारोबारी की कार को कैंपर वाहन से टक्कर मारकर रोका और फिर उस पर लाठी-सरियों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में युवक के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
थानाधिकारी मदन कड़वासरा ने बताया कि मूलत: केकड़ी (अजमेर) निवासी राकेश पुत्र रतनलाल जयपुर में आर्टिफिशियल एवं गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी का कारोबार करता है। 28 मई की रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपने एक साथी के साथ दुकान से कार में रवाना हुआ था। इसी दौरान सामने से आई एक तेज रफ्तार कैंपर गाड़ी ने उसकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई।
पुलिस के अनुसार कार रुकते ही कैंपर में सवार आरोपी तेजा और भीमा नीचे उतरे और राकेश को जबरन वाहन से बाहर खींच लिया। इसके बाद उसे सड़क पर पटककर लाठी-सरियों से ताबड़तोड़ हमला किया गया। हमलावरों ने उसके हाथ-पैरों को निशाना बनाते हुए कई वार किए, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने बीच-बचाव कर घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राकेश और आरोपी पहले दिल्ली में “सोने की खान एलएलपी” नाम से आर्टिफिशियल और गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी का साझेदारी में कारोबार करते थे। कारोबार में अनियमितताओं के बाद राकेश ने साझेदारी समाप्त कर जयपुर में इस्कॉन मंदिर के पास “सोने की खान प्रा. लि.” नाम से नया व्यवसाय शुरू कर दिया।
आरोप है कि साझेदारी टूटने के बाद दूसरे पक्ष ने भी इसी से मिलता-जुलता नाम रखकर केसर चौराहे के पास नई दुकान खोल ली।
इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच दुकान के नाम, ब्रांड पहचान और आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। पीड़ित का आरोप है कि उसे लंबे समय से दुकान का नाम बदलने के लिए धमकियां दी जा रही थीं।
राकेश ने हमले के पीछे राजेश सांगवान और गिर्राज निठारवाल निवासी तुंगीपुरा-सुस्तीपुरा, डाबीच की भूमिका होने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
थानाधिकारी मदन कड़वासरा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक नाम और लेनदेन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और जल्द ही मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।



















