जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने गुरुवार को शहर में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टोंक रोड पर सड़क सीमा से करीब 40 स्थानों पर किए गए अवैध कब्जे हटाए। वहीं गोनेर क्षेत्र में करीब एक बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब तीन करोड़ रुपए बताई गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर प्रवर्तन शाखा ने जोन-ए (03) और जोन-14 क्षेत्र में यह कार्रवाई की। अभियान की निगरानी मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी के पर्यवेक्षण में की गई।
उप महानिरीक्षक पुलिस आनंद शर्मा ने बताया कि जोन-ए (03) क्षेत्र में यातायात पुलिस और नगर निगम के साथ संयुक्त अभियान चलाकर टोंक रोड स्थित लालकोठी योजना, विधानसभा रोड तथा आसपास के करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में सड़क की दोनों ओर किए गए अतिक्रमण हटाए गए।
कार्रवाई के दौरान करीब 40 स्थानों से सड़क सीमा पर बने लंबे चबूतरे, सीढ़ियां, रेलिंग, थड़ियां, ठेले, काउंटर, टेबल-कुर्सियां, होर्डिंग, साइन बोर्ड, लोहे के एंगल, टीनशेड और अन्य अस्थायी निर्माण हटाए गए। जेसीबी मशीन और मजदूरों की मदद से सड़क सीमा को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जब्त सामग्री नगर निगम ने अपने कब्जे में ले ली।
इसी प्रकार जोन-14 क्षेत्र में गोनेर स्थित जेडीए की ग्रुप हाउसिंग योजना के भूखंड संख्या जी-3 के पास करीब एक बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाया गया।
यहां डांचे और चारदीवारी बनाकर कब्जा किया गया था। राजस्व एवं तकनीकी स्टाफ की निशानदेही पर प्रवर्तन दस्ते ने जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण ध्वस्त कर भूमि को कब्जामुक्त कराया। जेडीए के अनुसार अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब तीन करोड़ रुपए है।
इस कार्रवाई में उप नियंत्रक प्रवर्तन-चतुर्थ, प्रवर्तन अधिकारी जोन-ए (03), 12 एवं 23, यातायात पुलिस, नगर निगम के जाप्ते तथा संबंधित जोनों के राजस्व और तकनीकी स्टाफ ने सहयोग किया।


















