राजस्व वकीलों का आंदोलन उग्र: कलेक्ट्रेट बंद कर किया विरोध—प्रदर्शन

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Revenue lawyers' agitation intensifies
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जयपुर। राजस्व न्यायालय से जुड़े वकीलों और सरकार के बीच चल रहा विवाद गुरुवार को और गहरा गया। अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत दी डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जयपुर के बैनर तले वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए। राजस्व न्यायालयों का कामकाज ठप कराया और पंजीयन विभाग के डीआईजी स्टाम्प के खिलाफ कलेक्ट्रेट सर्किल पर प्रदर्शन किया। वकीलों ने चेतावनी दी कि अगले 48 घंटे तक जयपुर जिले के सभी उप पंजीयक कार्यालयों में रजिस्ट्री का कार्य नहीं होने दिया जाएगा।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने बताया कि 30 जून से राजस्व न्यायालयों का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। आंदोलन की प्रमुख मांगों में राजस्व मंडल जयपुर की बेंच तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर (जयपुर-चतुर्थ) के न्यायालय को चौमू स्थानांतरित करने का विरोध, सांगानेर एसडीएम के मामलों को अन्य न्यायालयों में भेजने का विरोध, उप पंजीयक कार्यालयों में स्लॉट व्यवस्था और पंजीयन संबंधी अनियमिताओं को दूर करना शामिल है।

उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से जयपुर जिले में डीएलसी दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए आमजन की सुविधा के लिए 6 से 8 जुलाई तक शाम 4 से 6 बजे के बीच रजिस्ट्री कराने की छूट दी गई थी, लेकिन मांगों पर कोई समाधान नहीं निकलने से आंदोलन फिर तेज कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में रैली निकालते हुए जिला न्यायालय और संभागीय आयुक्त कार्यालय तक मार्च किया। इसके बाद पंजीयन विभाग के डीआईजी स्टाम्प के खिलाफ जुलूस भी निकाला।

संदीप शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री, महानिरीक्षक मुद्रांक, राजस्व मंडल अजमेर के चेयरमैन, अतिरिक्त मुख्य सचिव, शासन सचिव और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि 48 घंटे में सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान महासचिव मनोज वर्मा, पूर्व अध्यक्ष सुनील शर्मा, गजराज सिंह राजावत, अखिलेश जोशी और हजारीलाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

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