जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में सावन मास के पावन अवसर पर रविवार को सांगानेर स्थित गायत्री चेतना केंद्र में भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में 50 से अधिक गायत्री परिजनों और श्रद्धालुओं ने सहपरिवार भाग लेकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की।
कार्यक्रम में व्यासपीठ से डॉ. राजकुमार सातनकर ने पूर्ण वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक संपन्न कराया। सामूहिक शिव स्तुति और महामृत्युंजय मंत्र के निरंतर जाप से संपूर्ण चेतना केंद्र परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं ने देवों के देव महादेव का जल और दूध से अभिषेक कर समाज में शांति, सद्भाव, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की मंगलकामना की।
शिव महिमा और उपासना के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. राजकुमार सातनकर ने कहा कि “रुद्राभिषेक केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा में श्रद्धा, आत्मशुद्धि और लोककल्याण की भावना से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुष्ठान है। यह मन और विचारों को शुद्ध करने का माध्यम है।”



















