जयपुर। ऑल इंडिया टूरिस्ट गाइड्स संघर्ष समिति ने वर्षों से पर्यटन क्षेत्र में सेवाएं दे रहे जिला एवं प्रदेश स्तरीय लाइसेंसधारी पर्यटक गाइडों को पैन इंडिया स्तर पर काम करने का अवसर देने की मांग उठाई है। समिति संयोजक एवं जयपुर के वरिष्ठ पर्यटक गाइड रवि शंकर धाभाई ने इस संबंध में प्रधानमंत्री और केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को मांग पत्र भेजा है।
धाभाई ने कहा कि राज्य सरकार की निर्धारित प्रक्रिया, पात्रता और परीक्षा पूरी कर लाइसेंस प्राप्त करने वाले गाइड पिछले 10-15 वर्षों से देश-विदेश के पर्यटकों को भारत की इतिहास, संस्कृति, कला, स्थापत्य और विरासत की जानकारी दे रहे हैं। ऐसे अनुभवी गाइडों के फील्ड अनुभव को केवल परीक्षा के आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि पात्र लाइसेंसधारी गाइडों के लिए दो माह का ऑनलाइन एडवांस हेरिटेज गाइड रिफ्रेशर कोर्स कराया जाए। राज्य के वैध लाइसेंस और 10-15 वर्ष के अनुभव को बोनस अंक देकर सफल गाइडों को पैन इंडिया लाइसेंस दिया जाए।
धाभाई ने आईआईटीजी पर्यटक गाइड परीक्षा जल्द ऑनलाइन कराने, शुल्क 2500 से घटाकर 250 रुपए करने, न्यूनतम उत्तीर्णांक 60 से घटाकर 25 प्रतिशत करने और परीक्षा वर्ष में कम से कम चार बार कराने की मांग की। एक वर्ष में 250 रुपए शुल्क लेकर चारों परीक्षाओं में बैठने का विकल्प देने तथा परीक्षा से पहले दो माह की नि:शुल्क ऑनलाइन तैयारी कक्षाएं कराने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने कहा कि परीक्षा पर्यटन सीजन में नहीं होनी चाहिए, ताकि सक्रिय गाइडों की पर्यटक बुकिंग प्रभावित न हो। धाभाई के अनुसार पर्यटक गाइड भारत की संस्कृति और विरासत के दूत हैं। वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी गाइडों को समान अवसर देते हुए अब ठोस नीति और समयबद्ध निर्णय जरूरी है।



















