जयपुर। राजधानी के आराध्य देव ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी महाराज जयनिवास बाग में राधाष्टमी महोत्सव की शुरुआत हो गई है। पांच दिवसीय महोत्सव का मुख्य उत्सव भाद्रपद शुक्ल अष्टमी पर 19 सितंबर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर ठकुरानी श्री प्रिया जी यानी राधारानी के पंचामृत अभिषेक के विशेष दर्शन होंगे। मंदिर परिसर को बंदनवार, बधाई संदेशों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है।
श्रीमन्माधव गौडेश्वर आचार्य महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में महोत्सव के तहत धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। मुख्य पर्व पर दिनभर विभिन्न झांकियों के दर्शन होंगे।
19 सितंबर को सुबह 4 बजे ठाकुर श्रीजी की मंगला झांकी के दर्शन होंगे। इसके बाद 4.45 बजे ठकुरानी श्री प्रिया जी का पंचामृत अभिषेक होगा। महंत अंजन कुमार गोस्वामी तिथि पूजन कराएंगे। इसके बाद पांच वेदपाठी ब्राह्मणों के वेदपाठ के बीच दूध, दही, घी, बूरा और शहद से अभिषेक किया जाएगा।
महाआरती के बाद श्रद्धालु अभिषेक दर्शन कर सकेंगे। सुबह 7.45 बजे धूप झांकी के दर्शन होंगे। धूप आरती से पहले महंत की ओर से अधिवास पूजन किया जाएगा। सुबह 9.30 बजे श्रृंगार झांकी खुलेगी। श्रृंगार आरती के बाद भानु नंदिनी उत्सव मनाया जाएगा और श्रद्धालुओं के बीच बधाई उछाली जाएगी।
सायंकाल ठाकुर श्रीजी की विशेष बरसाना महल फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी। रात 7 से 8.30 बजे तक विशेष उत्सव दर्शन होंगे। इसके बाद शयन झांकी के दर्शन होंगे। राधाष्टमी के अवसर पर ठिकाना मंदिर सहित श्री गोविंद धाम के अधीनस्थ मंदिरों में कुल 111 किलो दूध, 51 किलो दही, 31 किलो बूरा, 6 किलो घी और 6 किलो शहद से पंचामृत अभिषेक किया जाएगा।
राधाष्टमी पर ठाकुर श्रीजी को नवीन पीत-गुलाबी लप्पा जामा पोशाक, विशेष अलंकार और सिरपेच धारण कराया जाएगा। अभिषेक झांकी में राधारानी जी को पंजीरी, लड्डू और मावा की बर्फी का भोग अर्पित किया जाएगा। राजभोग झांकी से पहले सादा चावल, मीठा चावल, नमकीन चावल, खिचड़ी, दाल, गड़ सब्जी, आलू-खसखस, अरबी, खीर, पनीर सब्जी, पकौड़ी सहित छप्पन भोग का विशेष कच्चा भोग अर्पित किया जाएगा।



















