तेज आंधी में नकटी माता मंदिर का अग्रभाग गिरा

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Front section of Nakti Mata Temple collapses in strong winds.
Front section of Nakti Mata Temple collapses in strong winds.

जयपुर। जयपुर जिले की कालवाड़ तहसील के निमेड़ा (नीमरा) ग्राम पंचायत के जयभवानीपुरा गांव स्थित प्राचीन नकटी माता मंदिर का अग्रभाग 28 सितंबर की शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। मंदिर का महत्वपूर्ण हिस्सा गिरने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में चिंता है। मंदिर की सुरक्षा और प्राचीन स्थापत्य सामग्री के संरक्षण को लेकर भी सवाल उठे हैं।

सेवादार हेमन्त यादव के अनुसार सरकारी प्रकाशन में मंदिर को 9वीं शताब्दी का बताया गया है और इस आधार पर यह करीब 1100 से 1200 वर्ष पुराना माना जाता है। ग्रामीणों ने पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग से विशेषज्ञ टीम भेजकर मंदिर की संरचना की तकनीकी व पुरातात्विक जांच कराने की मांग की है। विशेषज्ञ यह भी जांच करें कि क्षति का कारण पहले से मौजूद संरचनात्मक कमजोरी थी या आंधी-वर्षा।

ग्रामीणों ने आंधी में गिरे प्राचीन पत्थरों, नक्काशीदार शिलाखंडों और अन्य स्थापत्य अवयवों को सुरक्षित रखने, उनकी सूची तैयार करने और पुराने सरकारी रिकॉर्ड व संरक्षण दस्तावेजों से मिलान कराने की मांग की है। मंदिर की भूमि और संपत्ति से जुड़े पुराने राजस्व रिकॉर्ड, सर्वेक्षण दस्तावेज, साइट प्लान, संरक्षण रिपोर्ट और पुराने फोटो की भी जांच की मांग की गई है।

ग्रामीणों के अनुसार मंदिर के हिस्से के गिरने के बाद कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर माता की नाराजगी अथवा संकेत मान रहे हैं, हालांकि इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि मंदिर की प्राचीनता को देखते हुए विशेषज्ञों की देखरेख में वैज्ञानिक संरक्षण और पुनर्स्थापन किया जाना चाहिए। साथ ही नींव और अन्य कमजोर हिस्सों की भी जांच हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

ग्रामीणों ने कहा कि नकटी माता मंदिर धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत भी है। इसलिए विभाग को जल्द निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्से के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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