जयपुर। त्रिवेणीधाम वाले नारायणदासजी महाराज की और से प्रारंभ की गई परंपरा के अनुसार प्रत्येक अधिक मास में 24 घंटे की अखंड रामचरितमानस का पाठ का बड़ा आयोजन गोविंद देवजी मंदिर में किया जाता रहा है। इसी कड़ी में अधिक मास में शनिवार को सुबह 8:00 बजे गोविंद के दरबार में पूजा अर्चना के साथ संतों- महंतों की उपस्थिति में आयोजन की शुरुआत हुई । इस दौरान पूरा मंदिर प्रांगण और सत्संग भवन आयोजन का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालुओं से भर गया।
31 मई रविवार को प्रातः 11:00 बजे तक 1008 आसनों पर अखंड रामचरितमानस के पाठ भक्तों द्वारा सामूहिक रूप से किए जाएंगे। आयोजन से जुड़े भक्त चंद्र महेश- गीता झालानी के अनुसार इस आयोजन में त्रिवेणी धाम के सभी सत्संग मंडल के भक्त वयवस्थाएं संभाले हुए हैं। त्रिवेणी धाम सेवा समिति के राम अवतार अग्रवाल, सत्यनारायण घीया, सुरेश ठाकुरिया, मोहनलाल शर्मा, ओमप्रकाश डंगायच, शंभू दयाल शर्मा, सत्य प्रकाश रावत एवं भानु प्रकाश शर्मा सहित अनेक भक्त आयोजन में भक्तों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
त्रिवेणी के भक्तों ने बताया कि यह कार्यक्रम भक्तों के कल्याण एवं परमार्थ की भावना से किया जा रहा है। रामचरितमानस के सामूहिक पाठ में बैठने से हजार गुना फल मिलता है। संतों की मान्यता है कि जब समूह में मिलकर राम कथा का पाठ किया जाता है, तो उससे जो सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, वह सामान्य से हजार गुना अधिक पुण्य प्रदान करती है। रामचरितमानस पढ़ने से धैर्य बढ़ता है, नकारात्मकता दूर होती है और वाणी पर नियंत्रण आता है।
शनिवार सुबह भगवान राम के सजे हुए दरबार की पूजा अर्चना के बाद संत महंतों ने विधि विधान से श्री रामचरितमानस के पाठों को शुरू कराया। इस मौके पर त्रिवेणी धाम के रामरिछपाल दास महाराज, गोविंददेवजी मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी, मानस गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति रही।
त्रिवेणी धाम सत्संग मंडल के अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल एवं कार्यक्रम से जुड़े चंद्र महेश झालानी ने वताया की अखंड रामचरित मानस पाठ रविवार को सुबह 11बजे तक निरंतर चलेगा उसके उपरांत तीन घंटे राम नाम संकीर्तन होगा।



















