स्कूल शिक्षक भर्ती-2022 में फर्जी डिग्री मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी का पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक व मुख्य दलाल गिरफ्तार

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Former Deputy Controller of Examinations and key tout of Mewar University arrested.
Former Deputy Controller of Examinations and key tout of Mewar University arrested.

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक (हिंदी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी दिलाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक और फर्जी डिग्री गिरोह के मुख्य दलाल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 25 जुलाई तक पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसी रिमांड) पर लिया गया है। एसओजी दोनों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी कमला कुमारी पुत्री भारमल बिश्नोई ने पात्रता के लिए मेवाड़ यूनिवर्सिटी से जारी एमए (हिंदी) की डिग्री और अंकतालिका प्रस्तुत की थी। आरपीएससी अजमेर द्वारा सत्यापन कराने पर विश्वविद्यालय ने ऐसी कोई डिग्री जारी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और झूठा शपथ-पत्र प्रस्तुत कर नौकरी हासिल करने के आरोप में सिविल लाइंस थाना, अजमेर में मामला दर्ज किया गया, जिसकी जांच बाद में एसओजी को सौंपी गई।

जांच में सामने आया कि अशोक बिश्नोई उर्फ अशोक चोटिया (32) निवासी झंवर, जिला जोधपुर ने महेंद्र सिंह राव के माध्यम से अभ्यर्थी कमला कुमारी के भाई दलपत सिंह से संपर्क किया। इसके बाद उसने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन कौशल किशोर चंदुल से सांठगांठ कर कमला कुमारी के लिए एमए (हिंदी) की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करवाई। पूछताछ के बाद एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

एसओजी के अनुसार अशोक बिश्नोई आदतन फर्जी डिग्री माफिया है। उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाना, अजमेर में दर्ज प्रकरण में पहले भी गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा कुड़ी भगतासनी थाना (जोधपुर) में दर्ज एक अन्य मामले में भी वह गिरफ्तार हो चुका है। वहीं एसओजी थाना, जयपुर में पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने के मामले में भी उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज है।

एसओजी ने सुशील शर्मा (43) निवासी अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) को भी गिरफ्तार किया है। वह मेवाड़ यूनिवर्सिटी में तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक (डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन) के पद पर कार्यरत था। जांच में सामने आया कि उसने अपने पद का दुरुपयोग कर विश्वविद्यालय के सिस्टम से कमला कुमारी की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करवाने में अहम भूमिका निभाई। एसओजी ने उसे 23 जुलाई 2026 को दोपहर 3.30 बजे गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार सुशील शर्मा के खिलाफ भी सिविल लाइंस थाना, अजमेर में दर्ज फर्जी डिग्री तैयार कराने के मामले में पहले से कार्रवाई हो चुकी है।

एसओजी अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आए विश्वविद्यालय के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और बिचौलियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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