बाल सुधार गृह में ‘अपराधबोध से आत्मबोध’ कार्यशाला, पुस्तकालय का उद्घाटन

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From Guilt to Self-Realization' Workshop at the Juvenile Observation Home
From Guilt to Self-Realization' Workshop at the Juvenile Observation Home

जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में गायत्री चेतना केन्द्र, मुरलीपुरा की ओर से बुधवार को सेठी कॉलोनी स्थित राजकीय संप्रेषण गृह में ‘अपराधबोध से आत्मबोध’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें करीब 50 बच्चों एवं किशोरों ने भाग लिया।

कार्यशाला में बच्चों में आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने पर जोर दिया गया। गायत्री परिवार की कुसुम लता सिंघल ने आत्मबोध और संस्कारों का महत्व बताया, जबकि देव संस्कृति विश्वविद्यालय की वंदना शर्मा ने योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने स्वयं को बदलने और अपनी गलतियों के लिए माता-पिता को पत्र लिखकर क्षमा मांगने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर बाल सुधार गृह में 100 से अधिक प्रेरक पुस्तकों वाले पुस्तकालय का उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम में प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट गुरजोत सिंह और पुनीत सहित किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल संप्रेषण गृह के अधिकारियों ने भाग लिया और गायत्री परिवार के प्रयासों की सराहना की।

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