जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ‘हरियालो राजस्थान’ की संकल्पना को साकार करने एवं नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के कुशल निर्देशन में जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर में व्यापक स्तर पर ‘हरित एवं सौंदर्यीकरण अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जयपुर की प्रमुख सड़कों, डिवाइडरों, चौराहों एवं पार्कों को विश्वस्तरीय लैंडस्केप में तब्दील करने के लिए वैज्ञानिक एवं सुनियोजित तकनीक से पौधारोपण किया जा रहा है।
जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि अभियान के तहत पूर्व में अपनाई जाने वाली अवैज्ञानिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पहले रोड मीडियनों में डामर हटाए बिना पौधे लगा दिए जाते थे, जिससे ‘रूट कॉइलिंग’ की समस्या होती थी और पौधे विकसित नहीं हो पाते थे। अब जेडीए द्वारा आवश्यकतानुसार डामर हटाकर पर्याप्त गहराई व चौड़ाई में उपजाऊ मिट्टी डाली जा रही है। इससे जड़ों का प्राकृतिक विकास होगा और भविष्य में मजबूत व छायादार हरित पट्टियां विकसित हो सकेंगी।
जेडीसी ने बताया कि शहर में 10 फीट से अधिक ऊँचाई वाले उच्च गुणवत्ता के पौधे लगाए जा रहे हैं। पौधों के चयन में उनकी ऊँचाई के साथ-साथ ‘रूट बॉल’ और ‘रूट-शूट अनुपात’ का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि वे प्रत्यारोपण के बाद शीघ्र स्थापित हो सकें। यह उन्नत पौधे आगामी 3-5 वर्षों में 15 से 25 फीट ऊँचे, बड़े और सुदृढ़ वृक्ष बनकर सघन कैनोपी विकसित करेंगे। इससे न केवल शहर को छाया मिलेगी, बल्कि वायु प्रदूषण नियंत्रण, कार्बन अवशोषण और शहरी तापमान में कमी लाने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
नगरीय विकास मंत्री के निर्देशों की पालना में शहर के सौंदर्यीकरण को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए ‘स्पीशीज ब्लॉक प्लांटेशन’ (एक ही प्रजाति के ब्लॉक) और सममितीय ले-आउट का प्रयोग किया जा रहा है।
एवेन्यू एस्थेटिक प्लांटेशन के तहत टर्मिनेलिया, टेबेबुइया, प्राइड ऑफ इंडिया, कचनार, अमलतास, स्पैथोडिया, गुलमोहर, मौलश्री, पारस पीपल, नीम और अशोक जैसे सजावटी व छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं। डिवाइडरों के लिए बोगनवेलिया, ल्यूसोफाइलम, टीकोमा आदि का उपयोग किया जा रहा है।
जेडीसी ने बताया कि ये सभी उच्च गुणवत्ता के पौधे आंध्र प्रदेश के राजामुंद्री और महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रतिष्ठित नर्सरियों से मंगवाए गए हैं। पुष्पन के समय कलर थीम के अनुसार विकसित ये पौधे जयपुर के लैंडस्केप को अत्यंत आकर्षक बनाएंगे।
इस संपूर्ण अभियान को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए जेडीए में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सेवानिवृत्त एवं अनुभवी अधिकारियों/कर्मचारियों की एक विशेष उद्यान टीम का गठन किया गया है। यह विशेषज्ञ टीम पौधों के चयन, रोपण, संरक्षण, रखरखाव और गुणवत्ता नियंत्रण का कार्य सुनिश्चित कर रही है।
जेडीए द्वारा केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि विभिन्न आवासीय योजनाओं और कॉलोनियों के पार्कों का भी व्यापक विकास किया जा रहा है। स्थानीय परिस्थितियों और आमजन की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए पार्कों में छायादार वृक्ष, पुष्पीय पौधे, सुव्यवस्थित लॉन और नागरिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को एक स्वच्छ, मनोरम और पर्यावरण-अनुकूल वातावरण मिल सके।



















