जयपुर। खोह नागोरियान थाना क्षेत्र के करीब नगर-बी स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुए भीषण अग्निकांड और विस्फोट में एक बच्चे सहित आठ लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। रिहायशी इलाके में संचालित इस अवैध फैक्ट्री को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार मकान संख्या-88 में अवैध रूप से शादी समारोह में उपयोग होने वाले पटाखों की पैकिंग का काम किया जा रहा था। यह मकान याकूब पुत्र नजीर खान निवासी राक्ष्या की ढाणी, खोह नागोरियान का बताया गया है। याकूब ने मकान दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दे रखा था। फिरोज अपने साथी वसीम के साथ यहां अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहा था। हादसे के बाद से दोनों संचालक और मकान मालिक फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
आठ लोगों की मौत, एक की पहचान नहीं
अग्निकांड में मोहम्मद अशरफ (40) पुत्र मोहम्मद शकील निवासी पीरजी कॉलोनी, मोहम्मद रब्बिल (16) पुत्र मोहम्मद सिकंदर निवासी करीम नगर-2 तलाई, अब्दुल वहीद (46) पुत्र अब्दुल अजीज निवासी रहीम नगर, समीर खान (20) पुत्र अनीस खान निवासी रहीम नगर, बिलाल खान (28) पुत्र नासिर खान निवासी रहीम नगर, आजीम खान (18) पुत्र नासिर खान निवासी रहीम नगर तथा नासिर खान (25) पुत्र मोहम्मद अली निवासी रहीम नगर की मौत हो गई। एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि तीन लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि अन्य ने एसएमएस एवं जेएनयू अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
दो सगे भाइयों की एक साथ बुझ गई जिंदगी
हादसे में बिलाल खान और आजीम खान सगे भाई थे। परिवार के अनुसार आजीम फैक्ट्री में काम करता था। मंगलवार को बिलाल अपने छोटे भाई आजीम से मिलने और फैक्ट्री देखने गया था। दोनों बातचीत कर रहे थे कि तभी विस्फोट हो गया। आग की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और बाद में उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि समीर खान और आजीम बचपन के मित्र थे। दोनों साथ घूमते-फिरते थे और एक ही फैक्ट्री में काम करते थे। समीर की मौत के कुछ मिनट बाद ही आजीम ने भी दम तोड़ दिया।
थाने से महज एक किलोमीटर दूर चल रही थी फैक्ट्री
जानकारी के अनुसार खोह नागोरियान थाने से मात्र एक किलोमीटर दूरी पर स्थित 20 गुणा 25 फीट (करीब 55.5 वर्ग गज) के मकान में पिछले दो वर्षों से अवैध रूप से पटाखों की पैकिंग और भंडारण का कार्य चल रहा था। यहां पटाखों का गोदाम भी बनाया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय परिसर में लगभग 50 किलो बारूद रखा हुआ था।
शॉर्ट सर्किट या चिंगारी से आग लगने की आशंका
पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परिसर में कितना विस्फोटक पदार्थ रखा गया था और आग लगने का वास्तविक कारण क्या था। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
लोगों को बचाते हुए झुलसा प्रत्यक्षदर्शी
स्थानीय निवासी हाशिम अंसारी ने बताया कि सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और पानी के टैंकर की सहायता से अंदर फंसे लोगों को बचाने का प्रयास किया। उन्होंने तीन से चार लोगों को बाहर निकाला, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कई लोग अंदर ही फंस गए। बचाव कार्य के दौरान उनके कपड़े जल गए और पैर भी झुलस गया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री के भीतर एलपीजी सिलेंडर भी रखा हुआ था, जिसे समय रहते बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस कमिश्नर बोले, दोषियों पर होगी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि जहां हादसा हुआ, वह स्थान पटाखों के भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। वास्तविक फैक्ट्री कुछ दूरी पर है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। रिहायशी इलाके में अवैध रूप से संचालित गोदाम और फैक्ट्री के संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खोह नागोरियान थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि दिल्ली निवासी फिरोज अपने सहयोगी वसीम के साथ मिलकर अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहा था। मकान मालिक की पहचान बिजली के बिल के आधार पर याकूब के रूप में हुई है।
विधायक ने उठाए सवाल
किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिहायशी इलाके में लंबे समय से संचालित पटाखा फैक्ट्री की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि फैक्ट्री अवैध थी तो उसके खिलाफ पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यह प्रशासन और संबंधित विभागों की बड़ी विफलता है।
राज्यपाल और मंत्री ने जताया शोक
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने भी घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जताया शोक
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खोह नागोरियान क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। गहलोत ने कहा कि इस भीषण हादसे में कई लोगों की मृत्यु की सूचना अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
कॉलोनी की वैधता पर भी जांच
जिस कॉलोनी में यह अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, उसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित तहसीलदार और पटवारी से रिपोर्ट तलब की है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कॉलोनी वैध है या अवैध।
पोस्टमार्टम के बाद सौंपे जा रहे शव
एसएमएस अस्पताल में मृतकों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपे जा रहे हैं। वहीं पुलिस फरार फैक्ट्री संचालकों और मकान मालिक की तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच के लिए विभिन्न विभागों की टीमें गठित की गई हैं।



















