जयपुर। राजधानी के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और मादक पदार्थों की तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से जयपुर पुलिस कमिश्ररेट के दक्षिण जिले ने विशेष अभियान ‘मिशन जागृति’ को और तेज कर दिया है। पुलिस उपायुक्त (जयपुर दक्षिण) राजर्षि राज के नेतृत्व में सोमवार को शिप्रापथ स्थित दीप ऑडिटोरियम में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग सेंटरों के करीब एक हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि ‘‘मिशन जागृति’’ की शुरुआत 17 अप्रेल 2026 को की गई थी। अभियान के तहत नशे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जन-जागरूकता कार्यक्रम और तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि जयपुर दक्षिण जिले में वर्ष 2025 के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 88 प्रकरण दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 134 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस प्रकार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में पिछले वर्ष की तुलना में 52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि अब केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नशे के कारोबार से अर्जित की गई अवैध चल-अचल संपत्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों की संपत्तियों का डोजियर तैयार किया जा रहा है तथा वित्तीय अन्वेषण के माध्यम से उनकी अवैध संपत्तियों को फ्रीज और जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दीप ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), औषधि नियंत्रण विभाग, प्रेस क्लब जयपुर तथा मानसरोवर क्षेत्र के कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया तथा बाद में नशामुक्ति जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
पुलिस के अनुसार ‘‘मिशन जागृति’’ के तहत एनडीपीएस मामलों में प्रभावी कार्रवाई, वांछित तस्करों की गिरफ्तारी, ड्रग्स सप्लाई चेन को तोड़ना, जब्त माल और वाहनों का त्वरित निस्तारण, तस्करों की संपत्तियों की जब्ती, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण, शिक्षण संस्थानों और कोचिंग क्षेत्रों में ड्रग्स सप्लाई पर नियंत्रण, नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी, जन-जागरूकता अभियान, नशाग्रस्त व्यक्तियों के पुनर्वास और नशा मुक्त वार्ड एवं पंचायतों के चयन जैसे प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। जयपुर दक्षिण पुलिस ने आमजन से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है।



















