जमींदोज हुई झुकी हुई अवैध इमारत: धमाके के साथ ढहा छह मंजिला भवन

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Leaning Illegal Building Razed to the Ground: Six-Story Structure Collapses with a Blast
Leaning Illegal Building Razed to the Ground: Six-Story Structure Collapses with a Blast

जयपुर। रामगंज क्षेत्र में पिछले 23 दिनों से दहशत का कारण बनी एक तरफ झुकी छह मंजिला अवैध इमारत को गुरुवार सुबह नगर निगम ने ध्वस्त कर दिया। तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में की गई कार्रवाई के दौरान कुछ ही क्षणों में पूरी इमारत जोरदार धमाके के साथ जमींदोज हो गई। कार्रवाई से पहले प्रशासन ने आसपास के मकानों को खाली कराकर, बिजली आपूर्ति बंद कर तथा क्षेत्र की घेराबंदी कर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

किशनपोल जोन के उपायुक्त विजेंद्र सिंह ने बताया कि यह इमारत चौकड़ी रामचंद्रजी क्षेत्र स्थित जगन्नाथ शाह के रास्ते (चीता वालों का मोहल्ला) में स्थित थी। गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे नगर निगम, पुलिस, सिविल डिफेंस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के सभी रास्तों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। रामगंज थाना पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम पूरे समय मौके पर तैनात रही।

9 मई को आई थीं दरारें,तब से खाली था भवन

किशनपोल जोन के उपायुक्त विजेंद्र सिंह ने बताया कि भवन में 9 मई को अचानक बड़ी दरारें आ गई थीं, जिसके बाद नगर निगम की तकनीकी टीम ने निरीक्षण कर इसे असुरक्षित घोषित कर दिया था। तत्काल प्रभाव से भवन को खाली करवाया गया और आसपास के कई मकानों को भी एहतियातन खाली कराया गया था। तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर भवन स्वामी को स्वयं भवन ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए थे तथा नोटिस भी चस्पा किया गया था। चेतावनी दी गई थी कि कार्रवाई नहीं होने पर निगम भवन को ध्वस्त कर खर्च की वसूली मकान मालिक से करेगा। इसके बावजूद भवन स्वामी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बिना अनुमति बनी थी इमारत

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह भवन बिना स्वीकृति के अवैध रूप से निर्मित किया गया था। करीब 10 से 15 वर्ष पुराने इस भवन में पहले चार मंजिलें थीं, जबकि हाल ही में पांचवीं और छठी मंजिल का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण कार्य के दौरान मुख्य पिलरों को नुकसान पहुंचने से पूरी इमारत एक ओर झुक गई और नीचे बनी दुकानों के शटर भी टेढ़े हो गए। भवन मालिक रईस ने भवन के विभिन्न हिस्से किराए पर दे रखे थे, जहां 30 से अधिक लोग निवास कर रहे थे।

आसपास के 10-15 मकान खाली कराए

संभावित हादसे को देखते हुए प्रशासन ने भवन के आसपास स्थित 10 से 15 मकानों को पहले ही खाली करवा लिया था और वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था। आसपास की दुकानें भी बंद करवाई गई थीं। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद रखी गई।

भवन गिरने के दौरान सामने स्थित एक मकान के हिस्से को मामूली नुकसान पहुंचा, जबकि पास में खड़ा एक पुराना विशाल पेड़ भी धराशायी हो गया। इसके बाद नगर निगम की टीम ने मलबा हटाने और रास्ता सुचारू करने का कार्य शुरू किया।

लोगों ने ली राहत की सांस

झुकी हुई इमारत के कारण पिछले कई दिनों से क्षेत्र में भय का माहौल था और स्थानीय लोग लगातार इसे हटाने की मांग कर रहे थे। भवन ध्वस्त होने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर अमित शर्मा ने बताया कि पूरी कार्रवाई निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत की गई और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि शहर में चिन्हित अन्य जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ भी आगामी दिनों में इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

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