सेंट्रल जेल में पूर्व विधायक बलजीत यादव के पास मिला मोबाइल

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जयपुर। जयपुर सेंट्रल जेल में बंद बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव के पास मोबाइल मिलने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल प्रशासन की ओर से र्ड में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान विचाराधीन बंदी बलजीत यादव के पास कैचोडा कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ। यादव ने मोबाइल को जमीन पर बिछाए कंबल के नीचे छिपा रखा था। जेल प्रशासन ने मोबाइल जब्त कर लालकोठी थाने में मामला दर्ज कराया है।

जेल में गुरुवार को भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान अलग-अलग बंदियों के पास से 8 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इससे पहले भी जेल प्रशासन ने दो दिन पहले तलाशी के दौरान 13 मोबाइल फोन जब्त किए थे और संबंधित बंदियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए थे। लगातार हो रही बरामदगी के बाद जेल प्रशासन की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है।

एसआई श्याम सुंदर ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जयपुर सेंट्रल जेल के वार्ड नंबर-5 में तलाशी अभियान चलाया गया था। तलाशी के दौरान वार्ड में बंद विचाराधीन बंदी बलजीत यादव के पास कैचोडा कंपनी का मोबाइल मिला। यादव ने मोबाइल को जमीन पर बिछाए कंबल के नीचे छिपा रखा था।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेल में बंद रहने के दौरान बलजीत यादव मोबाइल के जरिए बाहर लोगों से बातचीत कर रहा था। जेल प्रहरी विष्णु (27) की रिपोर्ट पर लालकोठी थाने में मामला दर्ज किया गया है। जब्त मोबाइल भी पुलिस को सौंप दिया गया है।

मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा और इसे बलजीत यादव तक किसने पहुंचाया, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस टीम जेल में बंद पूर्व विधायक से पूछताछ कर मोबाइल उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाएगी। साथ ही जेल में रहते हुए उन्होंने किन-किन लोगों से मोबाइल के जरिए संपर्क किया, इसकी जानकारी के लिए मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी निकलवाई जाएगी।

गौरतलब है कि बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव स्थानीय क्षेत्र विकास फंड (एमएलए फंड) के दुरुपयोग और गबन के मामले में जेल में बंद हैं। आरोप है कि बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदी गई थीं। जांच एजेंसियों के अनुसार खेल सामग्री की खरीद निर्धारित कीमत से करीब ढाई से तीन गुना अधिक कीमत पर कर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया और विधायक कोष से सामान की आपूर्ति में करीब 3.72 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया।

मामले में टेंडर देने वाली फर्मों की ओर से फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए थे। बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड, सूर्या एंटरप्राइजेज, राजपूत स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज और शर्मा स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज के संचालकों के साथ शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया था।

एसीबी ने 12 दिसंबर 2024 को बलजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। एसीबी की कार्रवाई के दौरान खेल सामग्री भी बरामद की गई थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामले में अभियोजन शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।

ईडी ने 3 फरवरी 2026 को बलजीत यादव को गिरफ्तार किया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ईडी ने उन्हें 7 फरवरी को जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। अब जेल में उनके पास मोबाइल मिलने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मोबाइल किसके जरिए अंदर पहुंचा और उन्होंने जेल में रहते हुए किन लोगों से संपर्क किया।

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