महिला अपराधों पर राजस्थान पुलिस का जीरो टॉलरेंस: 5 जिलों के 10 बड़े मामलों में अपराधियों को कड़ी सजा

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जयपुर। महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराधों पर राजस्थान पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। महानिदेशक- महानिरीक्षक पुलिस सम्मेलन 2025 की अनुशंसाओं और डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में महिला अत्याचार और पोक्सो एक्ट के गंभीर मामलों में त्वरित अनुसंधान एवं प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई गई है।

राजस्थान के पांच जिलों के 10 महत्वपूर्ण मामलों में अदालतों ने दोषियों को आजीवन कारावास, 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड से दंडित किया है। पुलिस प्रशासन इन फैसलों को सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से आमजन तक पहुंचा रहा है, ताकि समाज में सुरक्षा का संदेश और अपराधियों में कानून का भय पैदा हो सके।

जैसलमेर जिले में नाचना थाना पुलिस ने तीन वर्षीय मासूम बालिका से दुष्कर्म के मामले में महज 10 दिनों में अनुसंधान पूरा कर 18वें दिन चालान पेश किया। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

वहीं सांकड़ा थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपी पुरुषोत्तम को पोक्सो कोर्ट ने मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई। फलसूंड थाना क्षेत्र में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया।

जालोर जिले में पोक्सो एक्ट के तीन मामलों में अदालत ने दोषियों को 20-20 वर्ष की कठोर सजा सुनाई। झाब थाना पुलिस के एक मामले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म करने के आरोपी को 20 साल की सजा मिली। दूसरे मामले में स्कूल जा रही नाबालिग का अपहरण कर वीडियो वायरल करने और ब्लैकमेलिंग के आरोपी को भी 20 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया। बागरा थाना क्षेत्र में नाबालिग को भगाने के आरोपी को 20 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया।

श्रीगंगानगर जिले में दहेज हत्या के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी राकेश कुमार और सह आरोपी महावीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।

धौलपुर जिले के महिला थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी सलमान उर्फ लबेदू को अदालत ने 20 वर्ष के कठोर कारावास और 6500 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

जयपुर ग्रामीण में गोविंदगढ़ थाना पुलिस के मामले में नाबालिग को होटल में ले जाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी विकास कुमार स्वामी को 20 वर्ष की सजा और 1.75 लाख रुपए के भारी जुर्माने से दंडित किया गया। वहीं अमरसर थाना क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी मोहन लाल कुमावत को भी 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।


राजस्थान पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पैरवी आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और महिलाओं व बालिकाओं में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना है।

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