जयपुर। राजधानी के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की मौत से आक्रोशित परिजनों ने रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ हंगामा कर दिया। आरोप है कि विवाद के दौरान एक परिजन ने वार्ड में फल काटने वाला चाकू उठाकर मेडिकल स्टाफ को डराने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची एसएमएस थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हंगामा कर रहे परिजनों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार खैरथल-तिजारा निवासी 69 वर्षीय किशनलाल को पैरों में असहनीय दर्द की शिकायत पर गुरुवार रात करीब 12 बजे परिजन एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। हालत गंभीर होने पर उन्हें देर रात कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) वार्ड में भर्ती किया गया। जांच में सामने आया कि मरीज के पैरों की नसें ब्लॉक थीं।
परिजनों का आरोप है कि मरीज रातभर दर्द से तड़पता रहा, लेकिन ड्यूटी स्टाफ ने सीनियर डॉक्टर के आने के बाद ही इलाज शुरू करने की बात कही। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उनकी रेजीडेंट डॉक्टरों से तीखी बहस हो गई।
मेडिकल स्टाफ के मुताबिक विवाद के दौरान एक परिजन ने पास के बेड पर रखी टेबल से फल-सब्जी काटने वाला चाकू उठा लिया और वार्ड में लहराने लगा। इससे वहां मौजूद डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों में दहशत फैल गई। अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और संबंधित लोगों को पकड़ लिया।
घटना के बाद रेजीडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए अस्पताल अधीक्षक को लिखित शिकायत दी तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीटीवीएस यूनिट हेड डॉ. रामगोपाल यादव भी एसएमएस थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जूनियर डॉक्टरों से वार्ता कर मामला शांत कराने का प्रयास किया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में देर शाम तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।



















