जयपुर। द्वितीय ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में बुधवार को विभुवन संकष्टी चतुर्थी पर महिलाओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से व्रत रखकर भगवान गणेश और चौथ माता की पूजा-अर्चना की। तीन वर्ष में एक बार आने वाली अधिक मास संकष्टी चतुर्थी पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाओं ने अधिक मास की चौथ के व्रत का उद्यापन किया। महिलाओं ने सुबह व्रत का संकल्प लिया। दिनभर उपवास रखा।
संतान की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाओं ने संकष्ट चतुर्थी पर संतोषी माता और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने भगवान गणेशजी का दुर्वा, रोली, अक्षत, धूप, दीप, फल, फूल और तिल चढ़ाकर विधि-विधान से पूजन किया। इस दौरान भजन-कीर्तन भी किया गया।
पूजा के बाद महिलाओं ने व्रत कथा सुनी और भगवान गणेश की आरती की। शाम को भी शुभ, शुक्ल एवं राजयोग के शुभ संयोग में भगवान गणेश के विभुवन स्वरूप का विधि-विधान से पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने गणेश मंत्रों के जाप, आरती एवं भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान गणेश की आराधना की।
पूजन के दौरान गणेश जी को मोदक, दूर्वा एवं नैवेद्य अर्पित किए गए। महिलाओं ने चौथ माता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं संतानों के मंगलमय जीवन की कामना की। रात्रि में चंद्रोदय होने पर सुहागिन महिलाओं ने चंद्रदेव को अघ्र्य अर्पित कर व्रत का पारायण किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजन किया।



















