जयपुर। छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे छात्र नेता शुभम रेवाड़ की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना और सरकार से छात्रसंघ चुनाव के मुद्दे पर विद्यार्थियों से संवाद कर समाधान निकालने की अपील की।
गहलोत ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की पहली पाठशाला हैं और पिछले चार वर्षों से चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भागीदारी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सकारात्मक संकेत देती है तो शुभम रेवाड़ को अनशन समाप्त करने पर विचार करना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीरता दिखानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र राजनीति से अनेक राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय नेता निकले हैं तथा यह किसी एक दल नहीं, बल्कि पूरे छात्र समुदाय का मुद्दा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जयपुर जिला कलक्टर से भी चर्चा की है।
इसके बाद गहलोत जेएलएन मार्ग स्थित राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी, साफ-सफाई और आधारभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समस्याओं के समाधान की मांग करने की बात कही। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी विद्यालय पहुंचकर बच्चों की समस्याएं सुनीं और उन्हें विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया।



















