जयपुर में सजा देश का सबसे बड़ा हेयर-ब्यूटी मंच

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जयपुर। जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आयोजित इंडियन हेयर एंड ब्यूटी कॉन्फ्रेंस (आईएचबीसी) में देशभर के सैलून उद्योग की ताकत और एकजुटता नजर आई। केटी ने हेयर एंड ब्यूटी फेडरेशन (एचबीएफ) के सहयोग से सम्मेलन का आयोजन किया। केटी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव सायानी के नेतृत्व में आयोजित सम्मेलन में 18 राज्यों और 50 से अधिक शहरों से 5 हजार से अधिक सैलून मालिक शामिल हुए। आयोजकों ने इसे भारतीय सैलून उद्योग के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक बताते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर उद्योग के लोगों का एक साथ जुटना ऐतिहासिक है।

दीया कुमारी बोलीं- रोजगार और उद्यमिता में महत्वपूर्ण योगदान

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने ब्यूटी और सैलून उद्योग के आजीविका, उद्यमिता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कौशल विकास, महिलाओं की भागीदारी और भारतीय कारोबार के विस्तार को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हजारों सैलून पेशेवरों को साझा विकास के एजेंडे पर एकजुट करने वाला ऐसा मंच उद्योग के लिए उपयोगी है।

साझा मंच से उद्योग की चुनौतियों पर चर्चा

सम्मेलन में देशभर के सैलून संचालकों को एक मंच पर लाकर उद्योग की साझा चुनौतियों, पेशेवर शिक्षा, कारोबारी संभावनाओं और जानकारी के आदान-प्रदान पर चर्चा की गई। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन को मिली व्यापक प्रतिक्रिया ने यह संकेत दिया कि सैलून उद्योग को ऐसा राष्ट्रीय मंच चाहिए, जहां पेशेवर शिक्षा, कारोबार और उद्योग के प्रतिनिधित्व को एक साथ आगे बढ़ाया जा सके।

भारतीय ब्रांडों को समर्थन की अपील

केटी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव सायानी ने आईएचबीसी को सैलून उद्योग की एकता की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि सैलून मालिकों और भारतीय पेशेवर ब्रांडों के बीच मजबूत संबंध बनाना जरूरी है, ताकि सैलून कारोबार को मजबूत करने के साथ गुणवत्तापूर्ण भारतीय हेयरकेयर उत्पादों पर भरोसा बढ़े।

सायानी ने सैलून समुदाय से भारतीय उत्पादों और केटी सहित घरेलू ब्रांडों को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि केटी का लक्ष्य पेशेवर गुणवत्ता, शिक्षा और आपसी कारोबारी विकास पर आधारित साझेदारी के माध्यम से देशभर के सैलूनों तक पहुंच बनाना है। इससे ऐसा सैलून तंत्र तैयार किया जा सकेगा, जिसमें ब्रांड और सैलून दोनों की सफलता एक-दूसरे को मजबूत करे।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ से जोड़ा

सायानी ने सम्मेलन के उद्देश्य को प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विचार से जोड़ते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के सैलूनों में सक्षम भारतीय ब्रांडों को सहयोग देने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की नींव मजबूत होगी, भारत में मूल्य सृजन को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ेगा।

उन्होंने सैलून उद्यमियों और पेशेवरों के लिए उपयोगी सरकारी योजनाओं तथा कौशल विकास के अवसरों के बारे में अधिक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

18 राज्यों और 50 से ज्यादा शहरों की भागीदारी

आईएचबीसी में 18 राज्यों और 50 से अधिक शहरों से आए सैलून मालिकों की भागीदारी ने सम्मेलन के व्यापक प्रभाव को सामने रखा। सम्मेलन में पेशेवर शिक्षा, उद्योग संवाद और जानकारी साझा करने के साथ कारोबारी विकास पर जोर रहा। आयोजकों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों से आए सैलून संचालकों की भागीदारी से क्षेत्रीय बाजारों में सहयोग की संभावनाएं भी सामने आईं।

केटी ने सम्मेलन को बड़ी सफलता बताते हुए इसे सैलून समुदाय के साथ निरंतर जुड़ाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। एचबीएफ के समुदाय को एक मंच पर लाने और केटी के मंच को सहयोग मिलने से सम्मेलन में सैलून उद्योग की एकता, भारतीय नवाचार के समर्थन और पेशेवर कारोबारी विकास का संदेश सामने आया। जयपुर में आयोजित सम्मेलन ने भारतीय सैलून उद्योग को देश में मजबूत आवाज देने और भारतीय ब्यूटी ब्रांडों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ने का मंच उपलब्ध कराया।

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