जयपुर। विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू) के डिजाइन विभाग द्वारा आयोजित वार्षिक फैशन शो ‘तुरपन 2026’ फैशन, नवाचार और युवा रचनात्मकता का भव्य मंच बनकर उभरा। होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पांच थीम आधारित फैशन कलेक्शंस ने दर्शकों का मन मोह लिया। फैशन को आत्म-अभिव्यक्ति, संस्कृति और नवाचार का माध्यम बताते हुए आयोजित इस शो में डिजाइनिंग की नई संभावनाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
प्रसिद्ध फैशन क्यूरेटर अभिमन्यु सिंह तोमर के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में फैशन और डिजाइन जगत के कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। इंडस्ट्री ज्यूरी में सुत्रकार की संस्थापक नीरजा पासले, देसी गुलाब की सना सोनी, वर्ल्ड डिजाइन काउंसिल के फिलिप थॉमस तथा डिजाइनर राहुल टाक शामिल रहे। वहीं अकादमिक ज्यूरी के रूप में प्रांजित (जेईसीआरसी), अपरणा (एनआईडी कुरुक्षेत्र) और सुनील (देहरादून) ने विद्यार्थियों के कार्यों का मूल्यांकन किया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष कार्यशालाओं में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान, अजमेर के आर्किटेक्ट नीरज गुप्ता तथा डिजाइन विशेषज्ञ हरिशंकर बलोठिया ने विद्यार्थियों को डिजाइन उद्योग की नवीन प्रवृत्तियों, शोध और रचनात्मक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में एमएनआईटी जयपुर की आर्किटेक्ट मेनू वर्श्नेय, रूबी गोस्वामी, राहुल टाक और क्षितिज मनु शामिल रहे।
फैशन शो की शुरुआत प्रेरणादायक संदेश के साथ हुई, जिसके बाद मंच पर एक-एक कर पांच विशिष्ट थीम आधारित कलेक्शंस प्रस्तुत किए गए। पहली प्रस्तुति ‘गांठ ’ थी, जिसमें पारंपरिक भारतीय ड्रेपिंग कला को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया। बटन मसाला तकनीक से प्रेरित डिजाइनों में हस्तशिल्प, टेक्सचर और फ्लुइड सिल्हूट्स का आकर्षक संयोजन देखने को मिला।
दूसरे कलेक्शन ‘स्वे एंड शैडो’ में फ्रिंज आधारित परिधानों के माध्यम से गति और लय का अनूठा प्रदर्शन किया गया। मॉडल्स की हर चाल के साथ बदलते दृश्य प्रभावों ने दर्शकों को आकर्षित किया। तीसरे कलेक्शन ‘स्ट्रीट नो मा’ में जापानी मिनिमलिज्म और समकालीन स्ट्रीट फैशन का अनूठा मिश्रण देखने को मिला। साफ-सुथरे सिल्हूट्स, मल्टी-लेयरिंग और फ्यूचरिस्टिक तत्वों ने युवाओं की बदलती फैशन सोच को दर्शाया।
सबसे अवधारणात्मक प्रस्तुतियों में शामिल ‘पंचतत्व’ ने पृथ्वी, अग्नि, वायु, जल और आकाश जैसे पांच मूलभूत तत्वों को फैशन के माध्यम से अभिव्यक्त किया। प्रयोगात्मक फैब्रिक्स, मूर्तिकला जैसी संरचनाएं और भविष्यवादी डिजाइन इसकी प्रमुख विशेषताएं रहीं।
वहीं शो का समापन ‘नूर-ए-जारा’ कलेक्शन के साथ हुआ, जिसमें समृद्ध ब्रोकेड फैब्रिक्स, बारीक हस्तकला और आधुनिक वेस्टर्न सिल्हूट्स का आकर्षक संगम देखने को मिला। शाही वैभव और आधुनिक फैशन के मेल ने दर्शकों की विशेष सराहना हासिल की।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रस्तुत कलेक्शंस में शोध, शिल्पकला और समकालीन सोच का प्रभावशाली समन्वय दिखाई दिया। ज्यूरी सदस्य नीरजा पासले ने कहा कि ऐसे मंच युवा डिजाइनरों को अपनी पहचान बनाने और उद्योग की जरूरतों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। फिलिप थॉमस ने विद्यार्थियों के कार्यों में वैश्विक डिजाइन दृष्टिकोण और स्थानीय सांस्कृतिक तत्वों के संतुलित प्रयोग की सराहना की। वहीं डिजाइनर राहुल टाक ने डिजाइनों में मौलिकता, प्रयोगधर्मिता और पेशेवर स्तर की तैयारी को उल्लेखनीय बताया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और कलात्मक दृष्टि प्रदर्शित करने का अवसर मिला। परिधान निर्माण से लेकर स्टाइलिंग, प्रस्तुति और रनवे निष्पादन तक विद्यार्थियों ने पेशेवर स्तर की तैयारी का परिचय दिया। समापन पर डिजाइनर्स, मॉडल्स, स्टाइलिस्ट्स, फैकल्टी सदस्यों और आयोजन टीम का सम्मान किया गया। उपस्थित अतिथियों ने इसे युवा डिजाइन प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक मंच बताते हुए वीजीयू की सराहना की।



















