जयपुर। भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा, सनातन सेवा ग्रुप एवं श्री विप्र महासभा के संयुक्त तत्वावधान में निर्जला एकादशी के उपलक्ष्य में आयोजित 43वें पूजन अनुष्ठान के तहत पांच दिवसीय ‘सनातन सेवा महादिवस अनुष्ठान’ का शुभारंभ नगर सेठ श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर में विशेष पूजन, भोग एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। सनातन के जयकारों के बीच आम और सेवइयों से सजी थालियां मंदिर पहुंचीं तथा मुख्य पुजारी शंकर सेवग सहित पुजारीगणों को भोग अर्पित किया गया।
अनुष्ठान के साधक एवं भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा के अध्यक्ष पंडित योगेन्द्र कुमार दाधीच के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने नगर सेठ लक्ष्मीनाथ जी का पुष्प मालाओं से श्रृंगार कर विशेष भोग अर्पित किया। इसके साथ ही शहर के 51 मंदिरों में निर्जला एकादशी के लिए सेवइयों एवं आम का भोग पुजारियों को सुपुर्द किया गया, जो आगामी दिनों में विभिन्न मंदिरों में अर्पित किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि 25 जून को निर्जला एकादशी पर बीकानेर के लक्ष्मीनाथ मंदिर में मुख्य अनुष्ठान होगा। इसमें पंचामृत अभिषेक, पुष्प एवं वस्त्र श्रृंगार, भोग, प्रसाद वितरण, जल-शरबत सेवा, गौशाला में चारा-गुड़ सेवा, रैन बसेरों में फलाहार एवं आमरस वितरण तथा विद्यार्थियों को पूजित पाटी, पोथी, कलम एवं सरस्वती माता की तस्वीर भेंट की जाएगी।
इसके अलावा प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों के मंदिरों में भी पूजन एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित होंगे। जयपुर में 22 जून को श्री मोती डूंगरी गणेश मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होंगे। कार्यक्रम के दौरान संतों के सानिध्य में सनातन एवं राष्ट्रीय सेवा संकल्प शपथ भी दिलाई जाएगी।



















