जयपुर। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एटीएम बदलकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 98 एटीएम/डेबिट कार्ड, वारदात में प्रयुक्त बलेनो कार, नकदी, मोबाइल फोन और पुलिस को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर प्लेट बरामद की गई है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में करीब तीन दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एटीएम बदलकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के शातिर सदस्य हरियाणा के पलवल जिले के हथीन निवासी शाकिब उर्फ कालू (32), फरीदाबाद निवासी आदिल (28) तथा नूंह जिले के रोजका मेव थाना क्षेत्र निवासी ताहिर हुसैन उर्फ कौआ (31) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह खुद को “मेवात टारगेट गैंग” कहता था। गिरोह के सदस्य एटीएम बूथों पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाते थे। वे मदद के बहाने पीड़ितों का पिन नंबर देख लेते थे और एटीएम की प्रोसेसिंग रोककर ध्यान भटका देते थे। इसी दौरान कार्ड बदलकर दूसरे एटीएम से रकम निकाल लेते थे। विरोध करने पर कई बार जबरन कार्ड छीनकर फरार भी हो जाते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों में करीब पांच दर्जन वारदातें करना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना शाकिब उर्फ कालू पहले भी दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में एटीएम ठगी के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2022 में बगरू थाना पुलिस ने उसे 103 एटीएम कार्ड और तीन स्वैप मशीनों के साथ पकड़ा था। इसके अलावा जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कई थानों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
पुलिस अन्य वारदातों और गिरोह के शेष सदस्यों के संबंध में आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
थानाधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला 13 मई 2026 का है, जब कालवाड़ रोड स्थित एक्सिस बैंक एटीएम पर रुपए निकालने पहुंचे मुकेश मीणा का यूको बैंक का एटीएम कार्ड दो युवकों ने बातों में उलझाकर बदल लिया और खाते से रुपए निकाल लिए। इस संबंध में झोटवाड़ा थाने में दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र की सहायता ली। इसके बाद गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल बलराम और मालीराम ने करीब 200 किलोमीटर तक मोटरसाइकिल से पीछा कर आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



















