जयपुर। इंदिरा बाजार स्थित खज़ाने वालों का रास्ता में माता लीलावन्ती सत्संग भवन में आयोजित तीन दिवसीय बरसी महोत्सव के तीसरे दिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुए।
महोत्सव के अंतिम दिन अमृत वेला में माता लीलावन्ती साहब और माता वसी देवी साहब का पंचामृत अभिषेक कर नवीन वस्त्र एवं आभूषण धारण कराए गए। इसके बाद आयोजित विशेष पूजा-अर्चना में जयपुर सहित देश-विदेश से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। प्रातः 8:00 बजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ साहिब का भोग लगाया गया, जिसके पश्चात स्थानीय संत-महात्माओं द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया गया।
मोहन प्रकाश महाराज ने कहा कि ईश्वर और गुरु की कृपा दुनिया के बड़े से बड़े दुख और संकटों को टाल देती है। अज्ञानता ही मनुष्य के दुखों का मुख्य कारण है।
स्वामी भगत प्रकाश महाराज ने उपदेश देते हुए कहा कि “सूरत तो जाती रहे, कीरत कभी न जाए।” उन्होंने बताया कि माता लीलावन्ती साहब और माता वसी देवी साहब ने अपने गुरुओं की आज्ञा का पालन करते हुए पूरा जीवन सेवा और भक्ति में समर्पित कर दिया, इसी कारण उनका नाम आज भी अमर है।



















