जयपुर। तंबाकू का बढ़ता सेवन विशेष रूप से युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, जिसके कारण कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इस संबंध में भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने तंबाकू सेवन से होने वाले खतरों के प्रति लोगों को जागरूक रहने और समय रहते इसकी आदत छोड़ने की अपील की है।
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) की ग्लोबोकैन-2022 रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2022 में कैंसर के 14.13 लाख नए मामले सामने आए, जबकि 9.16 लाख लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई। इनमें मुख एवं ओरल कैविटी कैंसर देश का दूसरा सबसे आम कैंसर रहा, जिसके 1,43,759 नए मामले दर्ज हुए तथा लगभग 79,979 लोगों की मृत्यु हुई।
उन्होंने कहा कि तंबाकू केवल मुंह के कैंसर का ही नहीं, बल्कि फेफड़े, गला, भोजन नली, स्वरयंत्र और मूत्राशय सहित कई प्रकार के कैंसर का प्रमुख कारण है। रिपोर्ट के अनुसार देश में फेफड़ों के कैंसर के 81,748 और भोजन नली के कैंसर के 70,637 नए मामले दर्ज किए गए, जिनका सीधा संबंध तंबाकू सेवन से है।
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नरेश जाखोटिया ने बताया कि लगभग एक-तिहाई कैंसर मामलों को केवल तंबाकू से दूरी बनाकर रोका जा सकता है। तंबाकू छोड़ने के कुछ वर्षों बाद कैंसर और हृदय रोगों का जोखिम काफी कम हो जाता है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल की कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार वर्ष 2025 में 15,116 नए मरीज दर्ज किए गए, जिनमें 26 प्रतिशत से अधिक मरीज मुंह एवं गले के कैंसर से पीड़ित थे। अस्पताल के डायरेक्टर क्लिनिकल सर्विसेज डॉ. एस.सी. काबरा ने कहा कि ये आंकड़े राजस्थान में तंबाकू से जुड़े कैंसर के बढ़ते बोझ को दर्शाते हैं और जनजागरूकता तथा समय पर जांच की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
डॉ. जाखोटिया ने बताया कि गुटखा, खैनी और अन्य धुएं रहित तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों में मुंह के कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है। मुंह कम खुलना, बार-बार छाले होना, आवाज में बदलाव, लगातार खांसी और बिना कारण वजन कम होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पैसिव स्मोकिंग (दूसरों के धूम्रपान का धुआं) भी कैंसर का खतरा बढ़ाती है और परिवार के अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।
वर्ष 2019 में ओरल कैंसर का सफल उपचार करवाने वाले नंदराम जाट ने लोगों से तंबाकू और निकोटीन उत्पादों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि तंबाकू के कारण कैंसर हो भी जाए तो घबराने के बजाय समय पर उपचार शुरू करना चाहिए। सही समय पर इलाज से कैंसर को हराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और सभी लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा तंबाकू से दूरी बनाने का संदेश देते हैं।



















