जयपुर। आषाढ़ मास के पावन अवसर पर रविवार को श्री दक्षिणमुखी बालाजी महाराज मंदिर, हाथोज धाम में श्री बालाजी जनकल्याण ट्रस्ट के तत्वावधान में प्रदोष पर्व पर भगवान शिव का वैदिक विधि-विधान से भव्य रुद्राभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ तथा धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की।
रुद्राभिषेक के मुख्य यजमान ताइवान निवासी विष्णु गोयल एवं उनके परिवार रहे। 11 विद्वान पंडितों ने आचार्य गोविन्द नारायण भातरा के सान्निध्य में भगवान शिव का पंचामृत, सुगंधित द्रव्यों और विभिन्न फलों के रस से अभिषेक कराया। इस दौरान प्रदेश में सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की मंगलकामना की गई।
हाथोज धाम पीठाधीश्वर एवं हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने कहा कि आषाढ़ मास में प्रदोष काल के दौरान किया गया रुद्राभिषेक विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः श्रद्धालु श्रावण मास में भगवान शिव का अभिषेक करते हैं, लेकिन आषाढ़ मास में श्रद्धा और विधिपूर्वक किया गया रुद्राभिषेक भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त कराने वाला माना जाता है और भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति का माध्यम बनता है।
संध्याकाल में मंदिर परिसर में भगवान श्री बालाजी महाराज और भगवान शिव की आकर्षक फूल बंगला झांकी सजाई गई। इसके बाद भव्य महाआरती का आयोजन हुआ और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ताइवान निवासी विष्णु गोयल परिवार ने हाथोज धाम में प्रतिवर्ष रुद्राभिषेक कराने का संकल्प भी लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।



















