जयपुर। करौली जिले के सलेमपुर निवासी मानसिंह मीणा ने शनिवार को जयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पांचना बांध से पानी छोड़े जाने के बावजूद कमांड (सिंचित) क्षेत्र के किसानों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच सका। उन्होंने बांध के गेटों में तकनीकी खराबी को इसका प्रमुख कारण बताते हुए सरकार से किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
मीणा ने बताया कि न्यायालय के 22 जून 2026 के आदेश की पालना में मुख्य अभियंता एवं जिला कलक्टर की अध्यक्षता में तीनों संघर्ष समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में हुए निर्णय के बाद 6 जुलाई को पांचना बांध पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और जवाहर सिंह बेढ़म ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बांध के गेट खोलकर नदी प्रवाह एवं लिफ्ट कैनाल में पानी छोड़ा।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सिंचित क्षेत्र के किसानों तक पर्याप्त जल नहीं पहुंच पाया। किसानों का आरोप है कि बांध के गेटों में तकनीकी खराबी के कारण नहरों में अपेक्षित जल प्रवाह नहीं हो सका, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हुई और फसलों पर संकट गहरा गया।
मानसिंह मीणा ने बताया कि पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने ग्राम कुशहा सहित विभिन्न स्थानों पर सर्व समाज के बैनर तले जाम लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। आंदोलन के कारण कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित रहा।
उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 17 जुलाई तक नहरों में पुनः पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ने का आश्वासन दिया है। मीणा ने सरकार से मांग की कि आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा कर शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल निर्दोष किसानों के खिलाफ दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून-व्यवस्था भंग की है या सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक अथवा अभद्र टिप्पणियां की हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन निर्दोष किसानों को अनावश्यक मुकदमों से राहत देकर सरकार न्यायपूर्ण एवं संवेदनशील निर्णय ले।



















