सरकार की संवेदनहीनता के विरोध में जयपुर की सड़कों पर उतरे कर्मचारी

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Employees took to the streets of Jaipur to protest against the government's insensitivity.
Employees took to the streets of Jaipur to protest against the government's insensitivity.

जयपुर। सरकार की संवेदनहीनता और संवेदनहीनता के विरोध में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वान पर आज प्रदेशभर से हजारों कर्मचारी राजधानी जयपुर में जुटे और सड़कों पर उतर आए। कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले आयोजित महारैली रामनिवास बाग से शुरू होकर बाइस गोदाम पुलिया तक तीन घंटे तक चली और सभा में तब्दील हो गई। इस दौरान जयपुर का ट्रैफिक पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया और पूरे शहर में जाम के हालात बने।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने बताया कि सरकार लगातार अधीनस्थ सेवा के कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। बजट घोषणा के बावजूद कैडर पुनर्गठन नहीं किया गया, वेतन विसंगति दूर नहीं की गई, और निगम बोर्ड एवं यूनिवर्सिटीज में ओपीएस के स्थान पर एनपीएस लागू कर महासंघ को खुली चुनौती दी गई। इसके अलावा स्पष्ट और पारदर्शी स्थानांतरण नीति नहीं बनाई गई है और हजारों तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए गए। लाखों संविदा कार्मिकों का नियमितीकरण नहीं किया गया और उनके मानदेय में भी सम्मानजनक वृद्धि नहीं की गई।

महासंघ के प्रदेश महामंत्री महावीर सिहाग ने कहा कि आज इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी जयपुर आकर सरकार को आईना दिखा रहे हैं। उनकी नीतियां न केवल कर्मचारी विरोधी हैं बल्कि आम जन भी इससे त्रस्त है। सरकार ने पिछले दो वर्षों में केवल अभियान चलाए और ठोस कार्यवाही नहीं की, जिससे कर्मचारी और आम जन दोनों ठगे हुए महसूस कर रहे हैं।

सिनियर उपाध्यक्ष तेज सिंह राठौड़ और बन्ना राम चौधरी ने बताया कि महारैली से पहले महासंघ के पदाधिकारी प्रदेश के सभी जिलों में संघर्ष चेतना यात्रा निकालकर कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर चुके थे। 14 दिसंबर को राजधानी जयपुर में संघर्ष चेतना महाधिवेशन आयोजित कर सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, लेकिन सरकार की संवेदनहीनता के कारण महासंघ ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया।

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