अष्टमी -नवमी तिथि के साथ हुआ चैत्र नवरात्रि का समापन घर -घर जिमी छोटी-छोटी कन्या

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Chaitra Navratri concluded with the Ashtami and Navami Tithis.
Chaitra Navratri concluded with the Ashtami and Navami Tithis.

जयपुर। चैत्र के वासंतिक नवरात्र का समापन गुरुवार को भक्तिभाव के साथ हुआ। गुरुवार को अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन होने के कारण कन्याओं को भोजन कराकर उपहार दिए गए। कई लोग 27 मार्च को कन्या पूजन करेंगे। गुरुवार को अष्टमी तिथि पर सुबह साढ़े आठ से दोपहर बारह बजे तक आद्र्रा नक्षत्र में संधि पूजन किया गया । मातारानी को 108 नील कमल अर्पित किए गए।

देवी मंदिरों में गूंजे जयकारे:

देवी मंदिरों में शहर के प्रमुख मंदिर जय माता दी के जयकारों से गूंजायमान रहे। सुख-समृद्धि, संतति और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना लेकर भक्तजन पूरे श्रद्धाभाव से मां भगवती की उपासना में लीन रहे। मंदिरों में विधि-विधान के साथ हवन-यज्ञ तथा विशेष अनुष्ठानों का विशेष आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने मां को फल, पुष्प, नारियल, चुनरी एवं मिष्ठान अर्पित कर अपनी आस्था व्यक्त की। साथ ही भजन-कीर्तन एवं जागरण के माध्यम से माता की महिमा का गुणगान किया गया।

शिला माता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु:

आमेर स्थित प्रसिद्ध शिला देवी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त मातारानी के दर्शन करने पहुंचे। यहां मां का आभूषणों एवं मनमोहक पुष्पों से श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती उतारी गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में दिनभर दर्शन-पूजन का क्रम निरंतर जारी रहा।

घाटगेट श्मशान स्थित काली माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने माता को चुनरी ,प्रसाद अर्पित कर उनका आर्शीवाद प्राप्त किया। गलता पीठ के मंदिरों में सुबह से ही घंटा-घडिय़ाल की ध्वनि और मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।

श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। दुर्गापुरा स्थित दुर्गा माता मंदिर में भी अष्टमी व नवमी तिथि के अवसर पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया। वहीं खोले के हनुमान जी मंदिर में राम चरित मानस की चौपाइयों का पाठ किया गया।

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