गोविंद देवजी मंदिर में ‘नानी बाई को मायरो’ कथा शुरू: पहले ही दिन उमड़ा जनसैलाब

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जयपुर। आराध्य देव भगवान श्री गोविंद देवजी मंदिर के सत्संग भवन में बुधवार से ‘नानी बाई को मायरो’ कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी के पावन सान्निध्य में आयोजित इस पांच दिवसीय कथा के प्रथम दिन ही ठाकुर जी के दरबार में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा की गई भव्य आरती के साथ हुई। कथा के उद्घाटन सत्र में गणेश प्रसाद गुप्ता, राम सिंह राठौड़, दयाशंकर अग्रवाल, श्याम शरण दाधीच, नरेन्द्र पाराशर सहित अन्य गणमान्य प्रबुद्धजनों ने व्यास पीठ की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया।

अव्यवस्थाओं के बीच भी बना रहा भक्ति का माहौल

कथा के पहले ही दिन श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया, जिसके कारण सत्संग भवन पूरी तरह से खचाखच भर गया। हालांकि, वीवीआईपी पास अत्यधिक संख्या में वितरित किए जाने के कारण एक स्थिति यह भी बनी कि पास होने के बावजूद कई आम श्रद्धालुओं को बैठने के लिए जगह नहीं मिल सकी। श्रोताओं की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण पंडाल में उमस और गर्मी का माहौल भी बना रहा, लेकिन भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ।

आने वाली पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना जरूरी: जया किशोरी

व्यासपीठ से सुप्रसिद्ध कथावाचिका जया किशोरी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में आज के परिवेश और बच्चों के संस्कारों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने श्रोताओं से विशेष आग्रह करते हुए कहा – माता-पिता अपने बच्चों को भगवान की कथाएं अवश्य सुनाएं। आज की स्थिति यह है कि अधिकांश बच्चों को भगवान की लीलाओं, उनके जीवन प्रसंगों और उनके माता-पिता के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है।

यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में बच्चे यह पूछने लगेंगे कि राधा कौन थीं और कृष्ण कौन थे? इसलिए बच्चों को केवल काल्पनिक या सामान्य कहानियां सुनाने के बजाय भगवान की दिव्य कथाओं और धार्मिक संस्कारों से जोड़ना आज बेहद आवश्यक है। कथा के दौरान जया किशोरी द्वारा गाए गए भक्ति रस से सराबोर भजनों पर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए और झूमते हुए नृत्य करने लगे। पूरे सत्संग भवन में ‘राधे-राधे’ की गूंज बनी रही।

आयोजन से जुड़े श्याम सुंदर तंवर ने बताया कि इस कथा का आयोजन 5 जून तक प्रतिदिन प्रातः11बजे से अपराह्न 4 बजे तक किया जाएगा। मंदिर प्रशासन द्वारा आगामी दिनों में भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं।इसी कड़ी में आगरा रोड स्थित प्रेमनगर के राधा कृष्ण मंदिर में बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ ‘नानी बाई का मायरा’ कथा का शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया।

कथा संयोजक ओम प्रकाश ने बताया कि कथा के प्रथम दिन आयोजित की गई कलश यात्रा में 501 मातृशक्तियों ने भाग लिया। महिलाएं सिर पर गंगाजल से भरे पवित्र कलश लेकर मंगल गीत गाती हुई कथा स्थल पहुंचीं। पीले और लाल वस्त्रों में सजी महिलाओं की इस यात्रा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा और जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

कथा के प्रथम सत्र में व्यास पीठ से सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. उमेश महाराज ने भक्त शिरोमणि नरसी मेहता के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने नरसी मेहता के जीवन में पग-पग पर होने वाली भगवान की अनन्य कृपा का जीवंत वृतांत सुनाया। सच्ची भक्ति में वह अलौकिक शक्ति होती है, जो स्वयं भगवान को भी भक्त के वश में होने पर विवश कर देती है।

जब भक्त निष्काम भाव से परमात्मा को पुकारता है, तो ईश्वर को सारे नियम छोड़कर आना ही पड़ता है। व्यास पीठ से महाराजश्री ने केवल नरसी मेहता ही नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास के अन्य महान संतों की भक्ति की महिमा भी रेखांकित की।

उन्होंने संत कबीर दास, संत रविदास, धन्ना भक्त और कृष्ण दीवानी मीराबाई की भक्ति गाथाएं सुनाकर पंडाल में उपस्थित सभी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कथा आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगी।

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