
जयपुर। गुलाबी नगरी में द्वितीय ज्येष्ठ अधिकमास के पावन अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला में बुधवार को गंगवाल पार्क में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। अधिकमास की चतुर्थी तिथि पर आयोजित इस कथा के प्रथम दिन व्यास पीठ के पूजन और कलश स्थापना के साथ ही समूचा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. अनंत शर्मा ने भागवत महापुराण की महिमा पर प्रकाश डालते हुए इसे साक्षात हरि का स्वरूप बताया। उन्होंने कहा श्रीमद् भागवत महापुराण वास्तव में भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात शब्द स्वरूप है। कलयुग में व्याप्त अज्ञान, अवसाद और तनाव रूपी अंधकार को मिटाने के लिए यह पावन ग्रंथ ज्ञान रूपी सूर्य के समान प्रकाशमान है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य का मन निर्मल हो जाता है और जीव को दिव्य आनंद व अनन्य भक्ति की प्राप्ति होती है।
पंडित जी ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि महर्षि वेदव्यास जी ने इस महापुराण में भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलाओं का ऐसा जीवंत वर्णन किया है, जिसे केवल सुनने या पढ़ने मात्र से भक्त को अपने आसपास स्वयं ईश्वर की उपस्थिति का साक्षात अनुभव होने लगता है।
उन्होंने बताया कि इस महापुराण में 18000 श्लोक समाहित हैं, जो कलियुग में मानव मात्र के लिए मुक्ति और भक्ति प्राप्त करने का सबसे सरल, सुलभ और सिद्ध साधन हैं। भागवत कथा की यह विशेषता है कि इसके आयोजन स्थल पर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य तीनों एक साथ प्रकट होते हैं।
गंगवाल पार्क आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भक्तों की सुविधा और अधिकमास के महत्व को देखते हुए इस कथा का आयोजन आगामी 9 जून तक प्रतिदिन दो सत्रों में किया जाएगा। प्रथम सत्र: प्रातः9 बजे से दोपहर 1 बजे तक व द्वितीय सत्र: सायं 4 बजे से रात्रि 7 बजे तकआयोजित किया जाएगा।
कथा के दौरान आने वाले दिनों में श्रीकृष्ण जन्म, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग और रुक्मिणी विवाह जैसे प्रसंग अत्यंत धूमधाम और झांकियों के साथ मनाए जाएंगे। प्रथम दिन की कथा में स्थानीय श्रद्धालुओं सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।


















