जयपुर। किशनपोल बाजार स्थित प्राचीन ठाकुर जुगल किशोर जी मंदिर में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ कलश स्थापना और विधि-विधान से पूजन के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिन ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठाकुर जी के दरबार में अमृत वर्षा का लाभ उठाने पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य यजमानों द्वारा गणपति पूजन और व्यास पीठ के विशेष अर्चन के साथ हुई। इसके पश्चात भव्य कलश स्थापना की गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर मंत्रोच्चार और जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
व्यास पीठ से सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं कथावाचक पं. आलोक भट्ट ने संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ श्रीमद् भागवत कथा की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रथम दिन के प्रसंगों की व्याख्या करते हुए कहा भागवत कथा केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात श्रीहरि का वांग्मय स्वरूप है। कलयुग में इसके श्रवण मात्र से जीव का कल्याण संभव है। पंडित जी ने भगवान के 24 मुख्य अवतारों की दिव्य कथाओं का सजीव वर्णन किया।
इसके साथ ही उन्होंने राजा परीक्षित के जन्म की कथा, कलयुग के आगमन के कारण और परिस्थितियों के साथ-साथ भगवान की अनंत महिमा को रेखांकित कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ आगामी 8 जून तक निरंतर जारी रहेगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसमें रोज नए-नए और दिव्य प्रसंगों जैसे कृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा और रुक्मिणी विवाह का वाचन किया जाएगा।



















