कांग्रेस भी करेगी पार्षदों की बाड़ाबंदी: बोर्ड बनाने के गणित पर नजर

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The training camp for Congress district presidents focused on organizational strength and booth management.

जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही कांग्रेस अब बोर्ड बनाने के गणित पर आ गई है। ईवीएम में प्रत्याशियों का भविष्य कैद होने के बाद दोनों दल अपने संभावित विजयी पार्षदों को एकजुट रखने की रणनीति में जुट गए हैं। भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी जयपुर में संभावित बाड़ाबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। शहर कांग्रेस ने शनिवार को रणनीतिक बैठक कर प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने और किसी तरह की राजनीतिक सेंधमारी रोकने पर मंथन किया।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के आवास पर हुई बैठक में पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शहर कांग्रेस प्रभारी रोहित बोहरा, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, अर्चना शर्मा, गंगा देवी, पुष्पेंद्र भारद्वाज और विक्रम सिंह शेखावत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक में तय किया गया कि सभी कांग्रेस प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए पार्टी पूरी तरह सतर्क रहेगी। बाड़ाबंदी का अंतिम फैसला शनिवार रात या रविवार सुबह तक होने की संभावना है। पार्टी निर्देश जारी होने के बाद विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

बैठक के बाद पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा पर खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास सरकार, पुलिस और पैसा है और कांग्रेस को आशंका है कि चुनाव परिणाम के बाद इनका इस्तेमाल पार्षदों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की सुरक्षा के लिए बाड़ाबंदी करेगी और जरूरत पड़ने पर बैठकें व अन्य रणनीतिक गतिविधियां भी होंगी। यदि कांग्रेस की बाड़ाबंदी में भाजपा या पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और इससे शहर का माहौल बिगड़ा तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

खाचरियावास ने जयपुर में कांग्रेस का पूर्ण बहुमत से बोर्ड बनने का दावा करते हुए कहा कि जनता में सरकार के खिलाफ अंडरकरंट है। बेरोजगारी, युवाओं के मुद्दे, सड़क और विकास कार्य चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में यूजीसी भी मुद्दा रहा, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी या सामान्य वर्ग के किसी व्यक्ति ने यूजीसी की मांग नहीं की थी। सरकार जातियों के नाम पर लोगों को लड़ाने का प्रयास कर रही है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि जयपुर नगर निगम के सभी 150 कांग्रेस प्रत्याशी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। पार्टी के अनुसार प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल है और कांग्रेस पूर्ण बहुमत से बोर्ड बनाने की स्थिति में है। सभी विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के प्रत्याशियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। परिणाम आने तक प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए जरूरत पड़ने पर उन्हें जयपुर से बाहर भी ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बागी यदि पार्टी की विचारधारा से जुड़े हैं और वापस आना चाहते हैं तो उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। विधायक रफीक खान ने दावा किया कि जयपुर में कांग्रेस पहले, निर्दलीय दूसरे और भाजपा तीसरे स्थान पर रहेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिन-जिन रास्तों से होकर गुजरे हैं, वहां भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महापौर का चुनाव परिणाम के करीब एक सप्ताह बाद होना है, इसलिए पार्षदों को सुरक्षित रखना जरूरी है। पार्टी जल्दबाजी में फैसला नहीं लेगी। पहले सभी प्रत्याशियों और संभावित पार्षदों से बातचीत होगी, इसके बाद बाड़ाबंदी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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