जयपुर। आस्था के पावन तीर्थ स्थल श्री अमरापुर स्थान, जयपुर में गुरुवार को प्रेम प्रकाश मण्डल के संस्थापक आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेंऊराम महाराज का पावन मासिक जन्मोत्सव “चौथ पर्व” अपार श्रद्धा, भक्ति और भाव के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर जयपुर सहित अहमदाबाद, ब्यावर, सूरत, नाडियाड, अजमेर, टोंक, सीकर व अलवर से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में माथा टेका।
महोत्सव की शुरुआत प्रातः 6 बजे मंगला दर्शन के साथ हुई, जहाँ श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में पुष्प अर्पित कर मनोकामनाएं मांगी। इसके बाद प्रातः 7 से 8:30 बजे तक नित्य नियम प्रार्थना, संत-महात्माओं द्वारा भजन-संकीर्तन और आचार्य श्री की महिमा का गुणगान किया गया। भक्तों ने “आहे चौथ सदा सुखकारी, हलो सभेई नर नारी…” और ‘गुरुप्रार्थना अष्टक’ का सस्वर पाठ किया।
सायंकाल 4 बजे महिला मंडल द्वारा सामूहिक चालीसा व जन्म सखी का पाठ किया गया। इसके बाद संतों द्वारा आचार्य स्वामी टेंऊराम जी महाराज रचित ‘ब्रह्मदर्शनी’ का संगीतमय पाठ हुआ। पूज्य स्वामी मोहन प्रकाश महाराज ने ‘ब्रह्मदर्शनी’ को श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ का अहम अंश बताते हुए कहा, “आचार्य श्री की वाणी सामाजिक समानता, समरसता, विश्व बंधुत्व और मानवीय मूल्यों की शिक्षा देती है। सदगुरु टेऊँराम जी की वाणी को स्कूली पाठ्यक्रम (हिन्दी पाठ्य पुस्तकों) में शीघ्र शामिल किया जाना चाहिए।”
संतों ने बताया कि ब्रह्मदर्शनी का पाठ करने से मन की भेद-भ्रांति समाप्त होती है और ईश्वरीय स्वरूप का साक्षात दर्शन होता है।
चौथ पर्व के अवसर पर समाधि स्थल और श्री मंदिर को ऋतु पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया तथा मुख्य द्वार पर आकर्षक रंगोली बनाई गई। सतनाम साखी महामंत्र के जाप और आरती के बाद आचार्य श्री के विग्रह के समक्ष पारंपरिक ‘ढोढा चटनी प्रसाद’ व ’56 भोग थाल’ का भोग अर्पित किया गया।
इस पावन अवसर पर स्वामी मनोहर लाल महाराज, संत मोहन लाल महाराज, संत नवीन , संत हरीश और संत गुरुदास जी सहित कई संत-महात्मा एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



















