एरिया डोमिनेशन अभियान: बिना सत्यापन रह रहे 26 संदिग्ध किराएदार गिरफ्तार

0
16
Area Domination Drive: 26 Suspicious Tenants Living Without Verification Arrested
Area Domination Drive: 26 Suspicious Tenants Living Without Verification Arrested

जयपुर। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से चलाए जा रहे एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत रविवार को पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। जहां पुलिस ने थाना इलाके में स्थित उदय ग्रीन रेजीडेंसी में अवैध रूप से बिना किरायानामा और बिना पुलिस सत्यापन के रह रहे 26 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में से दो का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।

जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज वर्मा के निर्देशानुसार सहायक पुलिस आयुक्त (मानसरोवर) आदित्य काकडे के सुपरविजन में थानाधिकारी मदन लाल कड़वासरा के नेतृत्व में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने नरोत्तमपुरा स्थित उदय ग्रीन रेजीडेंसी में सोसाइटी स्टाफ की मदद से सघन जांच अभियान चलाया। जहां टीम को जांच के दौरान सामने आया कि कई फ्लैट्स में मकान मालिक ने किसी और को किराए पर दे रखा था। जबकि वहां रह कोई और रहा था।

नियमानुसार किराएदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य है, लेकिन यहां बिना किसी दस्तावेज और सत्यापन के संदिग्ध लोग निवास कर रहे थे। पुलिस ने इन सभी 26 व्यक्तियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत आशुतोष सैन, भव्य काठी वाला, रोहित, रोहन, ओमप्रकाश प्रजापत, तरुण हासिवाल, संदीप चौधरी, निखिल गोस्वामी, हर्षित जांगिड़, गोलू कुमावत, अभिषेक निर्मल, मुबारक अली, गौरव मेहरडा, अभिजित सिंह शेखावत, दीपक, आदित्य प्रजापत, कर्ण सिंह, मुकेश मलिक, शिवराज सिंह, जगदीश कुमार, महेंद्र शर्मा, राहुल रुण्डला और रोहित जांगिड़ को गिरफ्तार किया गया। ये सभी राजस्थान के विभिन्न जिलों सहित हरियाणा के भी निवासी है।

इसके अलावा पकड़े गए संदिग्धों की जब कुंडली खंगाली गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिसमें सचिन सिंह झुंझुनू निवासी सचिन के खिलाफ जयपुर के सांगानेर थाने में संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज है और संस्कार गुप्ता जयपुर निवासी संस्कार के खिलाफ झालावाड़ के सदर थाने में मारपीट और अन्य धाराओं में केस दर्ज है। वहीं पुलिस ने अपील की है कि मकान मालिक अपने किराएदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं। बिना सत्यापन किराएदार रखना कानूनी रूप से भारी पड़ सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here