श्री अमरापुर स्थान में सजी 56 भोग की झांकी और प्रज्वलित हुए 130 ज्योतिपुंज

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जयपुर। आस्था, भक्ति और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र ‘श्री अमरापुर स्थान’ जयपुर में 20 अक्टूबर से प्रारंभ हुए सतगुरु स्वामी सर्वानंद महाराज के 130वें जन्मोत्सव का समापन शनिवार को हर्षोल्लास के साथ पूर्ण हो गया। पांच दिवसीय इस भव्य महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक और सेवा कार्यों का आयोजन किया गया, जिसमें जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

उत्सव के अंतर्गत संत-महात्माओं द्वारा सतगुरु सर्वानंद महाराज की महिमा का गुणगान किया गया। इस दौरान पंच दिवसीय श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ साहिब और श्रीमद्भगवद्गीता जी के पाठों का भोग परायण संपन्न हुआ। सतगुरु सर्वानंद महाराज के श्री विग्रह के समक्ष 40 किलो महाप्रसादी का भोग लगाया गया। बधाई गीतों और शहनाई वादन के बीच भक्तों ने जन्मोत्सव का भरपूर आनंद लिया और गुरुदेव के जयकारे लगाए।

जन्मोत्सव के अवसर पर सेवा संकल्प कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी गई। प्रातः 9 बजे पूज्य स्वामी मोहन प्रकाश महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर निशुल्क फिजियोथैरेपी शिविर का शुभारंभ किया, जिसमें 130 से अधिक भक्तों को निशुल्क परामर्श दिया गया और सैकड़ों लोग लाभान्वित हुए। इसके अलावा, कुष्ठ आश्रम में भोजन, फल व मिष्ठान आदि सामग्री भेजी गई। इससे पूर्व के दिनों में विशाल कन्या भोज, संत भंडारा, बटुक भोज और गौशाला में गौ सेवा जैसे अनुष्ठान भी संपन्न हुए।

शनिवार सायंकाल के समय 56 भोग की विशेष झांकी सजाई गई, जिसके विभिन्न व्यंजनों की महक ने जन्मोत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। चालीसा पाठ और आरती के पश्चात संत-महात्माओं द्वारा 130 ज्योतिपुंज प्रज्वलित किए गए। इनकी जगमगाहट से संपूर्ण अमरापुरा स्थान जगमगा उठा। मंदिर और दिव्य समाधि स्थल पर सजाए गए विशेष ऋतु पुष्पों के शृंगार ने भक्तों का मन मोह लिया।

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