पेटीएम मनी और नुवामा एएमसी के नाम पर की जा रही है साइबर ठगी

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जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने पेटीएम मनी और नुवामा एएमसी के नाम पर संचालित किए जा रहे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुपों और निवेश धोखाधड़ी को लेकर आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर आकर्षक निवेश योजनाओं का झांसा देकर लोगों को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप और नकली निवेश प्लेटफॉर्म से जोड़कर लाखों रुपए की ठगी कर रहे हैं।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री स्टॉक एनालिसिस, स्पेशल इन्वेस्टमेंट ऑफर और गारंटीड रिटर्न जैसे आकर्षक विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में पेटीएम मनी और नुवामा एएमसी जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम, लोगो और अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों का भरोसा जीता जाता है।

विज्ञापन पर क्लिक करते ही उपयोगकर्ता को एक संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां ‘एप्लाई टू जॉइन’ या ‘जॉइन व्हाट्सएप ग्रुप’ का विकल्प दिया जाता है। इसके बाद पीड़ित को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर कंपनी के अधिकारी बनकर निवेश की सलाह दी जाती है और अधिक मुनाफे या गारंटीड रिटर्न का लालच दिया जाता है।

इसके बाद साइबर अपराधी फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाते हैं या नकली वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराते हैं, जो असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसी दिखाई देती है। फिर निवेश के नाम पर विभिन्न म्यूल बैंक खातों में जल्द से जल्द राशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता है।

साइबर क्राइम शाखा ने लोगों से सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों पर भरोसा नहीं करने, गारंटीड रिटर्न जैसे दावों से सतर्क रहने तथा किसी भी कंपनी की जानकारी केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही सत्यापित करने की अपील की है। साथ ही अज्ञात व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल नहीं होने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा बैंक खाता, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी गई है।

पुलिस ने कहा कि यदि कोई वेबसाइट, ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप या व्यक्ति संदिग्ध लगे तो तुरंत उससे बाहर निकलें, भुगतान रोक दें और संबंधित नंबर या लिंक को ब्लॉक करें। यदि कोई व्यक्ति ऐसे किसी ग्रुप का शिकार हो चुका है तो तुरंत अपने बैंक खाते की गतिविधियों की जांच कर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराए।

साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सेबी से पंजीकृत कोई भी वित्तीय संस्था या निवेश कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन या फर्जी ऐप के माध्यम से गारंटीड रिटर्न का वादा कर निवेश करने के लिए नहीं कहती।

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