जयपुर। जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ कर दो महिलाओं सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह फेसबुक पर ‘ओल्ड इंडियन करेंसी’ की फोटो और रील डालकर पुराने नोट-सिक्के बेचने का झांसा देता था।
पुलिस ने आरोपियों से स्कॉर्पियो, 14 एंड्रॉइड मोबाइल, एयरटेल डोंगल और ठगी के हिसाब-किताब की डायरी बरामद की है। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से दो बंधकों को भी मुक्त कराया, जिन्हें गाड़ी में हाथ-पैर बांधकर रखा गया था और उनके परिजनों से लाखों रुपए की फिरौती मांगी जा रही थी। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी उत्तर करण शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जयसिंहपुरा खोर थानाधिकारी रघुवीर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में गठित की गई। टीम ने नाइ की थड़ी क्षेत्र में महंगे किराए पर कमरा लेकर रह रहे संदिग्धों की निगरानी की। जहां जांच में सामने आया कि मेवात निवासी मुबारिक तमिलनाडु, केरल और मेवात के लोगों को साथ लेकर गिरोह चला रहा था।
आरोपी फेसबुक पर पुराने 1, 2 और 5 रुपए के नोटों की रील डालकर उनकी कीमत 2 से 20 लाख रुपए तक बताते और वॉट्सऐप नंबर देते थे। ग्राहकों से उनकी स्थानीय भाषा तमिल, मलयालम और कन्नड़ में बातचीत कराने के लिए तमिलनाडु और केरल की महिलाओं व युवकों को गिरोह में शामिल किया गया था।
पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1500 रुपए लिए जाते। इसके बाद नकली नोटों के बंडल का वीडियो भेजकर 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर लाखों रुपए वसूले जाते। जिन ग्राहकों के पास ज्यादा नोट होते, उन्हें राजस्थान बुलाकर जीएसटी के नाम पर और रकम मांगी जाती। रकम नहीं देने पर उन्हें बंधक बनाकर परिजनों से फिरौती मांगने का आरोप है।
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपियों ने स्कॉर्पियो में दो लोगों को हाथ-पैर बांधकर बंधक बना रखा है। टीम ने दबिश देकर दोनों को सुरक्षित मुक्त कराया और मौके से मुबारिक (38), जफरुद्दीन उर्फ जफरु (30) और साजिद खान (30) खैरथल क्षेत्र के निवासी हैं। इनके अलावा शिवारमन जी (48) निवासी तंजावुर, श्रीनाथ (49) निवासी कन्नूर, मो. मिशाल (21) निवासी रानीपेट, जयलक्ष्मी (45) निवासी पेराम्बलूर और फहमिदा बानो (30) निवासी रानीपेट को गिरफ्तार किया गया है।



















