इनामी और लंबे समय से फरार डमी परीक्षार्थी मनोहरलाल मांजू उर्फ बिश्नोई गिरफ्तार

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जयपुर। भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए 10 हजार के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे डमी परीक्षार्थी मनोहरलाल मांजू उर्फ बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी खुद जालोर जिले में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत था।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 से जुड़ा है। 24 दिसंबर 2022 को आयोजित सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी, जिसे बाद में 29 जनवरी 2023 को दोबारा कराया गया था।

एसओजी जांच में सामने आया कि करौली निवासी अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा ने परीक्षा स्वयं देने के बजाय अपने स्थान पर डमी परीक्षार्थी बैठाया था। इसी साजिश के तहत मनोहर लाल मांजू ने 29 जनवरी 2023 को भरतपुर स्थित राजकीय महाराजा बदन सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर अनिल मीणा के स्थान पर परीक्षा दी थी। फर्जी तरीके से परीक्षा पास कर अनिल मीणा वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) के पद पर चयनित भी हो गया था। एसओजी उसे पहले ही 4 सितंबर 2024 को गिरफ्तार कर चुकी है।

एसओजी के अनुसार मामले में सबसे बड़ी चुनौती संदिग्धों की पहचान थी, क्योंकि शुरुआती जांच में केवल कुछ धुंधली तस्वीरें ही उपलब्ध थीं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक जांच के जरिए केवल फोटो के आधार पर आरोपी मनोहर लाल की पहचान स्थापित की।

गिरफ्तार आरोपी मनोहर लाल मांजू मूल रूप से जालोर जिले का निवासी है और वर्तमान में रानीवाड़ा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जगा की ढाणी सेवाड़ा में अध्यापक (लेवल-1) के पद पर कार्यरत था। जांच में डमी परीक्षार्थियों की व्यवस्था करने वाले मुख्य मध्यस्थ दर्शन लाल मीणा उर्फ रामप्रकाश मीणा की भूमिका भी सामने आई है।

एसओजी ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 120बी तथा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। एसओजी अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य आरोपियों और गिरोह के बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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