जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार पर संवाद के बजाय दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में उनकी सेहत को लेकर चिंतित थी तो सबसे पहले उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए था।
शनिवार को मीडिया से बातचीत में पायलट ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर देशभर के युवाओं में व्यापक आक्रोश है। सरकार इन समस्याओं पर जवाबदेही तय करने के बजाय आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार छात्रों और युवाओं की आवाज उठाती रही है तथा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है।
राजस्थान में पंचायत, निकाय एवं छात्रसंघ चुनावों के मुद्दे पर पायलट ने कहा कि राज्य सरकार लगातार बहाने बनाकर चुनाव टालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय की फटकार के बावजूद सरकार चुनाव कराने से बच रही है, क्योंकि उसे जनता के जनादेश का भय है।
पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार समय पर मिलना चाहिए और चुनावों में अनावश्यक देरी लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से शिक्षा, युवाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की मांग की।



















