जयपुर। देवशयनी एकादशी पर 25 जुलाई (शनिवार) को श्री गोविंद देवजी मंदिर में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष दर्शन व्यवस्था लागू की है। निर्जला एकादशी की तर्ज पर इस बार भी श्रद्धालुओं को चलते-चलते दर्शन कराए जाएंगे, ताकि सभी भक्त सुगमता और सुरक्षित तरीके से ठाकुर श्रीजी के दर्शन कर सकें।
मंदिर प्रशासन के अनुसार सभी श्रद्धालुओं का प्रवेश जूते-चप्पल उतारने के बाद बैरिकेड्स के माध्यम से होगा। दर्शन के दौरान किसी भी श्रद्धालु को रुकने की अनुमति नहीं होगी और सभी को लगातार चलते हुए दर्शन करने होंगे। मंदिर के अंदर किसी प्रकार की विशेष या अलग व्यवस्था नहीं रहेगी तथा दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को निर्धारित निकास मार्ग से बाहर जाना होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालु मंदिर के बाहर ही जूते-चप्पल उतारेंगे और नंगे पैर मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। यह विशेष व्यवस्था 25 जुलाई को मंगला झांकी से शयन झांकी तक प्रभावी रहेगी।
झांकी दर्शन का समय
मंगला : प्रातः 4.00 से 6.30 बजे
धूप : प्रातः 7.00 से 9.00 बजे
श्रृंगार : प्रातः 9.30 से 10.15 बजे
राजभोग : प्रातः 10.45 से 11.30 बजे
ग्वाल : सायं 4.00 से 4.15 बजे
देवशयनी पूजन : सायं 4.45 से 5.35 बजे (इस दौरान ठाकुर श्रीजी के दर्शन पट मंगल रहेंगे)
संध्या : सायं 5.45 से 7.15 बजे
शयन : रात्रि 7.45 से 8.15 बजे
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भीड़ के दौरान धैर्य बनाए रखने, धक्का-मुक्की से बचने तथा पुलिस और स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों की सहायता करने का आग्रह किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं से बैग, बेल्ट, लेदर पर्स, नुकीली वस्तुएं तथा अन्य अनावश्यक सामान मंदिर परिसर में नहीं लाने की भी अपील की गई है।



















