जयपुर। अधिकमास के अवसर पर सूरजपोल स्थित मोहनबाड़ी के श्री गोवर्धननाथ जी मंदिर में आयोजित 11 दिवसीय श्रीमद्भागवत एकादश एवं मूल श्लोक परायण, श्री गोवर्धननाथ व मथुराधीश प्रभु दर्शन एवं 56 भोग महोत्सव के तहत रविवार को धूमधाम से नंदोत्सव मनाया गया। आयोजन श्री पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंडल एवं श्री वल्लभ पुष्टिमार्गीय मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में हुआ।
उत्सव के दौरान ‘नंद के आनंद भयो, यशोदा जायो ललना…’ जैसे बधाई गीतों के बीच पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं पर खिलौने, मेवे और फलों की उछाल की। पूरा पांडाल कृष्ण भक्ति और जयकारों से गुंजायमान हो उठा। ठाकुरजी को माखन-मिश्री का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया।
व्यासपीठ से भागवत मर्मज्ञ बड़ोदरा निवासी गिरिराज जी शास्त्री ने कहा कि नंदोत्सव भगवान श्रीकृष्ण के गोकुल आगमन की आनंदमयी अभिव्यक्ति है, जो प्रेम और निष्काम भक्ति का संदेश देता है। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, पूतना मोक्ष और माखन चोरी प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इस अवसर पर गोस्वामी श्री अन्नू बाबा राजकोट एवं कामवन सप्तम पीठाधीश ने भी कथा श्रवण किया। शाम को मंदिर प्रांगण में विवाह दर्शन की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।



















