जयपुर। रामनगरिया थाना पुलिस ने अपहरण और फिरौती के बहुचर्चित मामले में सात वर्ष से फरार चल रहे दो हजार रुपए के इनामी आरोपी वीपी सिंह मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वर्ष 2019 में एक व्यापारी का अपहरण कर उसकी रिहाई के बदले पहले 17 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। बाद में सौदेबाजी के दौरान यह रकम घटाकर पहले पांच लाख और अंत में दो लाख रुपए कर दी गई थी।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा ने बताया कि रामनगरिया थाना पुलिस ने अपहरण और फिरौती के बहुचर्चित मामले में सात वर्ष से फरार चल रहे दो हजार रुपए के इनामी आरोपी वीपी सिंह मीणा निवासी डूंगरी जिला सवाई माधोपुर को गिरफ्तार किया है।
थानाधिकारी चन्द्रभान सिंह ने बताया कि परिवादी गिरीश कुमार गर्ग ने रामनगरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके चाचा राजेश कुमार गुप्ता, निवासी गंगापुर सिटी, शाम को जयपुर पहुंचे थे। उन्होंने अपने मित्र मोहन वर्मा से दुर्गापुरा बस स्टैंड से जगतपुरा स्थित 7 नंबर बस स्टैंड तक छोड़ने का आग्रह किया। जगतपुरा बस स्टैंड पर उतरने के बाद आरोपी और उसके साथियों ने उनका अपहरण कर लिया।
अगले दिन तड़के करीब 4.15 बजे आरोपियों ने पीड़ित राजेश गुप्ता के मोबाइल फोन से उनकी पत्नी के मोबाइल नंबर पर लगातार कॉल कर 17 लाख रुपए की फिरौती मांगी। बाद में बातचीत के दौरान रकम पहले पांच लाख और फिर दो लाख रुपए तक कम कर दी गई। इस घटना के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने पर अपर सिविल न्यायाधीश एवं महानगर मजिस्ट्रेट क्रमांक-4, जयपुर महानगर प्रथम ने उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
जयपुर पुलिस ने आरोपी पर दो हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और मुखबिरों से लगातार जानकारी जुटाई। आखिरकार सवाई माधोपुर जिले के डूंगरी गांव में दबिश देकर आरोपी वी.पी. सिंह मीणा को उसके पैतृक गांव से गिरफ्तार किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी में कांस्टेबल मुनेश कुमार और कांस्टेबल राहुल की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।



















