श्रीकृष्ण की गोचारण लीला जीवन में प्रेम और सरलता का संदेश : गिरिराज शास्त्री

0
43
Giriraj Shastri
Giriraj Shastri

जयपुर। अधिकमास के अवसर पर सूरजपोल स्थित मोहनबाड़ी के श्री गोवर्धन नाथ जी मंदिर में आयोजित 11 दिवसीय मथुराधीष महोत्सव के तहत मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा एवं मूल श्लोकों के परायण का आयोजन हुआ। कार्यक्रम श्री पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंडल और श्री वल्लभ पुष्टिमार्गीय मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

भागवत मर्मज्ञ गिरिराज शास्त्री ने व्यासपीठ से रास पंचाध्यायी लीला और गोचारण लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि रासपंचाध्यायी केवल कथा नहीं, बल्कि हृदय के शुद्धिकरण का माध्यम है। इसके श्रद्धापूर्वक श्रवण और पाठ से मन की अशांति, भय और क्लेश दूर होते हैं तथा भगवत प्रेम की भावना जागृत होती है।

उन्होंने कहा कि गोपियों की तरह पूर्ण समर्पण भाव से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करने पर अहंकार और आसक्ति समाप्त होती है तथा साधक को आंतरिक शांति प्राप्त होती है। गोचारण लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की यह लीला सेवा, सादगी, प्रेम और प्रकृति से जुड़ाव का संदेश देती है।

कथा प्रारंभ से पूर्व मुख्य यजमान एमडी बांगड़ एवं पीडी बांगड़ परिवार ने श्रीमद्भागवत की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इस दौरान विद्वानों द्वारा भागवत के मूल श्लोकों का पाठ किया गया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।

मंडल अध्यक्ष गोविंद मालपानी, मंत्री पीडी बांगड़ और कोषाध्यक्ष सोहनलाल अग्रवाल टुकड़ेवाला ने बताया कि महोत्सव के तहत प्रतिदिन श्रीगोवर्धननाथ एवं मथुराधीष प्रभु के दर्शन तथा 56 भोग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में लक्ष्मण मलिक, ओमप्रकाश मांधना, सरोज चावला, रामसहाय मांधना, सुनील कपूर, संजय बांगड़, भरत मालपानी, प्रमोद कोटेवाला, गोवर्धन भगत एवं रेखा भगत सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here