जयपुर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 फरार आरोपियों पर दस-दस हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया है। ये सभी आरोपी रीट, शिक्षक भर्ती और पटवारी भर्ती जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और फर्जीवाड़े के मामलों में वांछित हैं तथा लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर गिरफ्तारी से बच रहे हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419, 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी के साथ राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन फरार रहने के कारण अब प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।
एसओजी द्वारा जारी सूची में कई ऐसे आरोपी शामिल हैं जो सरकारी सेवा या शिक्षा क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। इनमें सीकर जिले की अजीतगढ़ पंचायत समिति में कार्यरत सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार यादव प्रमुख है। इसके अलावा शाहपुरा क्षेत्र में संचालित एमएडी फाउंडेशन कोचिंग सेंटर के संचालक दिनेश किलका भी वांछित आरोपियों में शामिल हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार भर्ती परीक्षाओं में संगठित गिरोहों ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने, डमी अभ्यर्थी बैठाने और अन्य अवैध तरीकों से चयन कराने का नेटवर्क खड़ा कर रखा था। इन गतिविधियों के कारण लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ और कई परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए।
एसओजी ने जिन आरोपियों पर दस-दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया है, उनमें श्रीमाधोपुर (सीकर) निवासी नागेश कुमार यादव, सांचौर निवासी संगीता विश्नोई, तारपुरा (सीकर) निवासी विकास खेदर, निवाड़ी (सवाई माधोपुर) निवासी रामावतार मीणा, दांतारामगढ़ (सीकर) निवासी एवं कोचिंग संचालक दिनेश किलका, नागौर निवासी मनीष दाधीच, कोटपूतली निवासी भवानी शर्मा, जयपुर निवासी देवेंद्र कुमार सैनी, जालौर निवासी कमलेश कुमार खिलेरी, बीकानेर निवासी रेवती विश्नोई, सवाई माधोपुर निवासी राजमोहन मीणा, जयपुर निवासी रविंद्र सैनी, चोमू (जयपुर) निवासी सुभाष मुवाल, जालौर निवासी दिनेश कुमार तथा सांकड़ (जालौर) निवासी श्रवण कुमार शामिल हैं।
एसओजी की जांच में सामने आया है कि अधिकांश आरोपी रीट भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षा और पटवारी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक एवं अन्य अनियमितताओं से जुड़े रहे हैं। कुछ आरोपियों पर प्रश्न पत्र हासिल कर अभ्यर्थियों को बेचने, जबकि कुछ पर परीक्षा प्रक्रिया में अवैध हस्तक्षेप कर अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप हैं।
एसओजी की सूची का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि सीकर, जालौर, जयपुर और सवाई माधोपुर जिले से सर्वाधिक आरोपी सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में सक्रिय गिरोहों ने वर्षों तक भर्ती परीक्षाओं को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार फरार आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल रहे तथा अवैध कमाई को किन माध्यमों से खपाया गया।
एसओजी ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को इन फरार आरोपियों के संबंध में कोई सूचना प्राप्त हो तो वह नजदीकी पुलिस थाना या एसओजी से संपर्क कर जानकारी दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए एसओजी लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।



















