परकोटे की विरासत और पलायन के मुद्दे पर निकली भगवा जन आक्रोश रैली

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'Saffron' public outrage rally held over issues of the Walled City's heritage and the exodus of residents.
'Saffron' public outrage rally held over issues of the Walled City's heritage and the exodus of residents.

जयपुर। परकोटा क्षेत्र की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने और बहुसंख्यक समाज के पलायन के मुद्दे को लेकर रविवार को युवा शक्ति मंच राजस्थान की ओर से विशाल ‘भगवा जन आक्रोश रैली’ निकाली गई। खोले के हनुमान जी मंदिर से शुरू हुई रैली में साधु-संतों, महिलाओं, युवाओं और आमजन ने भाग लिया। आयोजकों ने रैली में करीब 25 हजार लोगों और 10 हजार से अधिक वाहनों के शामिल होने का दावा किया।

रैली के दौरान जय श्रीराम के जयघोष और भगवा ध्वज नजर आए। इस रैली के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। पुलिस ने मार्ग में वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाई और यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए।

हनुमान चालीसा के पाठ के बाद रवाना हुई रैली

रैली से पहले खोले के हनुमान जी मंदिर परिसर में धर्मसभा और हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। इसके बाद जयपुर सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामदास महाराज ने भगवा झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए साधु-संत और महंत भी रैली में शामिल हुए।

रैली में सबसे आगे भगवा वस्त्र पहने करीब 2 हजार महिलाओं के चलने का दावा किया गया। उनके पीछे बड़ी संख्या में दोपहिया और चौपहिया वाहन शामिल रहे। आयोजकों के अनुसार रैली में 10 हजार से अधिक वाहन थे।

परकोटे के प्रमुख बाजारों से गुजरी

रैली गंगापोल रोड, जोरावर सिंह गेट, सुभाष चौक, चांदी की टकसाल, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, किशनपोल बाजार और अजमेरी गेट होते हुए रामनिवास बाग पहुंची। यहां अल्बर्ट हॉल के सामने रैली का समापन हुआ। मार्ग में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए। लोगों ने संतों और रैली में शामिल लोगों पर पुष्पवर्षा की। बाजारों में बड़ी संख्या में लोग रैली देखने के लिए सड़क किनारे मौजूद रहे।

विरासत संरक्षण और पलायन का मुद्दा उठाया

युवा शक्ति मंच राजस्थान के प्रदेश संयोजक सुनील सिंह शेखावत ने कहा कि जयपुर की ऐतिहासिक इमारतें, धार्मिक स्थल, कला, संस्कृति और परंपराएं शहर की पहचान हैं। इनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने परकोटा क्षेत्र से बहुसंख्यक समाज के पलायन के मुद्दे पर सरकार और प्रशासन से गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।

शेखावत ने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष के लोगों की कथित प्रताड़ना के कारण कुछ लोग परकोटे से पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रैली के जरिए प्रशासन तक लोगों की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की ओर से धर्मांतरण निरोधक कानून लाए जाने के बाद इस पर कुछ हद तक अंकुश लगा है, लेकिन पलायन की समस्या अभी बनी हुई है।

‘पलायन नहीं करेंगे’ का दिया संदेश

शेखावत ने कहा कि रैली के माध्यम से सनातन संस्कृति को मानने वाले लोगों ने संदेश दिया है कि वे किसी भी कीमत पर पलायन नहीं करेंगे। उन्होंने रैली में महिलाओं की भागीदारी को भी प्रमुखता से रेखांकित किया और कहा कि महिलाओं ने मातृशक्ति और स्वाभिमान का संदेश दिया है।

रैली के आयोजकों ने इसे जयपुर की पहचान, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मुद्दों को लेकर जन जागरूकता का बड़ा अभियान बताया। रैली के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के इंतजाम किए गए।

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