जयपुर। झालावाड़ पुलिस ने जिले को नशामुक्त करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 के अंतर्गत एक बड़ी सफलता अर्जित की है। पुलिस ने कुख्यात तस्कर लियाकत खान द्वारा मादक पदार्थों की काली कमाई से अर्जित की गई करोड़ों की चल-अचल संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस कार्यवाही को विधिक रूप से अनुमोदित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि पुलिस की इस कार्यवाही के बाद अब ड्रग माफिया लियाकत खान और उसके सहयोगी अवैध आय से अर्जित संपत्तियों का न तो उपभोग कर सकेंगे और न ही उनका विक्रय या हस्तांतरण कर पाएंगे। फ्रीज की गई संपत्तियों में 02 भव्य मकान है जिनका कुल बाजार मूल्य 2,52,47,960 रुपये है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि तस्करों की जड़ों पर वार करने के लिए एमओबी शाखा में तस्करों की संपत्तियों का एक गोपनीय डेटाबेस तैयार किया गया। इस मिशन को सफल बनाने में जिला कलेक्टर श्री अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राजस्व विभाग ने रिकॉर्ड मिलान में और पीडब्ल्यूडी विभाग ने संपत्तियों के बाजार मूल्य के त्वरित मूल्यांकन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
आरोपी लियाकत खान निवासी चाचुर्नी, डग के विरुद्ध पूर्व में मादक पदार्थ तस्करी के गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस द्वारा की गई पूर्व में की गई कार्यवाहियों में अब तक कुल 3123 किलोग्राम डोडा चूरा व अफीम (अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य (4.83 करोड़ रुपये) और 01 ट्रेलर ट्रक (38 लाख) और 01 बुलेट बाइक (2 लाख) जब्त किए गये है।
जिला पुलिस की इस कार्यवाही से समाज में यह स्पष्ट संदेश गया है कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई संपत्ति स्थायी नहीं रहती। ऑपरेशन दिव्य प्रहार 1.0 की सफलता के बाद जनवरी 2026 से शुरू हुए 2.0 संस्करण का मुख्य लक्ष्य न केवल तस्करों को जेल भेजना है, बल्कि उनकी आर्थिक कमर तोड़ना भी है।




















